हल्द्वानी में एमबी कॉलेज में एडमिशन बंद कराकर हंगामा करते एबीवीपी के छात्र। अमर उजाला
हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में बुधवार को स्नातक प्रथम सेमेस्टर में एबीवीपी के छात्रों के विरोध के चलते दाखिले शुरू नहीं हो सके। कालेज प्रशासन ने दो बार दाखिले की प्रक्रिया शुरू करने की कोशिश की मगर एबीवीपी के छात्रों ने नारेबाजी कर दाखिले बंद करवा दिए। छात्रों ने प्राचार्य कक्ष के सामने धरना देकर प्रदर्शन भी किया। वहीं, एनएसयूआई से जुड़े छात्रों ने दाखिले शुरू कराने की कोशिश तो दूसरे गुट के छात्रों से भिड़ंत हो गई। नौबत हाथापाई तक पहुंचने पर प्राध्यापकों ने किसी तरह दोनों गुटों को तितर बितर किया।
सेमेस्टर प्रणाली समाप्त किए जाने और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन खोलने की मांग को लेकर छात्रों के एक गुट ने बुधवार से दाखिले शुरू न होने देने का एलान किया था। सुबह दस बजे से ही दूरदराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रवेश के लिए महाविद्यालय में पहुंच गए थे। प्रवेश के लिए कालेज प्रशासन ने बीए, बीएससी और बीकॉम के पांच काउंटर बनाए थे। करीब साढ़े दस बजे जैसे ही काउंटरों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई कि एबीवीपी से जुड़े छात्रनेता देवेंद्र बिष्ट और अन्य छात्र पहुंच गए और प्रवेश प्रक्रिया को विरोध कर रोक दिया।
एक घंटे बाद कालेज प्रशासन ने फिर प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की कोशिश की तो छात्र फिर से वहां पहुंच गए और हंगामा कर दिया। छात्रों ने प्राचार्य कक्ष के सामने धरना देकर प्रदर्शन भी किया। इधर, एनएसयूआई से जुड़े छात्रनेता राहुल धामी, सुदर्शन परमार, गौरव अपने समर्थक छात्रों के साथ प्रवेश काउंटरों पर आ गए तथा दाखिले किए जाने की मांग करने लगे।
इस बीच बीए के काउंटर पर एनएसयूआई और एबीवीपी से जुड़े छात्रों के बीच तीखी नोंकझोक होने के बाद हाथापाई की नौबत आ गई जिससे वहां अफरातफरी मच गई। बीए प्रवेश समिति के समन्वयक डा. हेमंत कुमार शुक्ला, चीफ प्राक्टर डा. विनय विद्यालंकार और अन्य शिक्षकों ने किसी तरह दोनों गुटों को अलग-थलग किया।
छात्रों के विरोध के चलते बुधवार को दाखिले शुरू नहीं हो सके। छात्र सेमेस्टर प्रणाली समाप्त करने की मांग पर अड़े है। इस बारे में निर्णय तो शासन ही ले सकता है। छात्रों को समझाने की कोशिश की गई है कि उनकी बात विश्वविद्यालय और शासन को भेज दी जाएगी। बृहस्पतिवार को दाखिले होंगे।
- डॉ. नवीन भगत, प्रभारी प्राचार्य