किच्छा। बरा क्षेत्र की ग्राम पंचायत नजीमाबाद के ग्राम निधि खाते से करीब साढ़े छह लाख के गबन का मामला सामने आया है।
इस मामले में जहां ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सुमित कुमार ने प्रधान सुरजीत सिंह पर फर्जी हस्ताक्षर कर चेक से ग्राम निधि के खाते से साढ़े छह लाख रुपये निकालने का आरोप लगाया है, वहीं प्रधान ने आरोपों को नकारते हुए कहा है कि जिस समय ग्राम पंचायत अधिकारी ने चेकों पर हस्ताक्षर किए उस समय और भी लोग मौजूद थे। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने पुलिस को तहरीर दी है तो प्रधान ने भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने कोतवाली में दी तहरीर में आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत नजीमाबाद का ग्राम निधि खाता नगर के एक बैंक में है, जिसका संचालन ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षरों से होता है।
आरोप है कि प्रधान सुरजीत सिंह की ओर से दिनांक सात जून को चेक संख्या 010744, 010745, 010746, 010747, 010748, 010749 और 010750, जो क्रमश: 96000, 96000, 96000, 96000, 96000, 60000, 60000 व 60000 रुपये के हैं पर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षरों से भुगतान करवा लिया है।
उन्होंने जब बैंक से स्टेटमेंट निकाली तो ग्राम प्रधान सुरजीत की ओर से धोखाधड़ी करने और सरकारी चेक पर फर्जी हस्ताक्षर करना पाया गया। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने पुलिस से आरोपी ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। एसएसआई धाम सिंह पांगती ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
‘तहरीर में गलती होनी पर फिर से देंगे तहरीर’
किच्छा। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सुमित कुमार ने देर शाम बताया कि कोतवाली में जो तहरीर उन्होंने दी है उसमें कुछ गलती है। कहा कि वह अब दूसरी तहरीर देंगे। उन्होंने बताया कि 58 शौचालयों के लिए यह रकम 12000 रुपये प्रति शौचालय के हिसाब से आई थी, जो प्रधान की ओर से 10 और 11 जून को निकलवाई गई है। ब्यूरो
कोट
मेरे पर जो आरोप लगाए गए हैं वह निराधार हैं। सभी चेकों पर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के हस्ताक्षर हैं। जिस समय ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने चेकों पर हस्ताक्षर किए, उस समय उनके अलावा अन्य लोग भी मौजूद थे। इस मामले की जांच की जानी चाहिए, ताकि सच सामने आ सके।
सुरजीत सिंह, ग्राम प्रधान नजीमाबाद