रामनगर। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में वन और वन्यजीव संरक्षण के साथ प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विशेषज्ञों की टीम समीक्षा के लिए पहुंची है। भारत सरकार और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की ओर से नामित यह टीम कॉर्बेट की व्यवस्थाओं, वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों और प्रबंधन योजना का तीन दिन आकलन करेगी।
मंगलवार को सीटीआर सभागार में आयोजित बैठक में पार्क वार्डन बिंदरपाल ने बताया कि हर चार साल में होने वाली इस प्रक्रिया के तहत टीम के सदस्य अगले कुछ दिनों तक कॉर्बेट में रहकर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। टीम आकलन के आधार पर कॉर्बेट प्रबंधन को आवश्यक सुझाव भी देगी। इसका उद्देश्य वन और वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को अधिक प्रभावी बनाना और रिजर्व की प्रबंधन व्यवस्था में सुधार की संभावनाओं को तलाशना है। वहां पार्क निदेशक डॉ. साकेत बडोला, एचएस नेगी, अनिल कुमार भारद्वाज, नवीन पांडेय, ललित आर्या आदि मौजूद रहे।