चौसला और देवला तल्ला पजाया के बाद हल्द्वानी शहर के समीप एक और गांव नवाड़खेड़ा में अवैध रूप से प्लॉट तैयार करके उन्हें बेचने का बड़ा खुलासा हुआ है। जमीन की खरीद फरोख्त करने वाले पांच लोगों ने एक ही समुदाय के एक दो नहीं, बल्कि 31 लोगों को जमीन बेची है। जांच में इस बात की पुष्टि होने पर प्राधिकरण ने पांचों खातेदारों की जमीन के खरीद फरोख्त पर रोक लगवाते हुए रेरा नियमों के उल्लंघन के आरोप में उनका चालान किया है।
प्रशासन को जानकारी मिली थी कि गौलापार के नवाड़खेड़ा गांव में जीत सिंह के दो बेटों बच्ची सिंह व जीवन सिंह ने अपनी कुल 1.082 हेक्टेयर भूमि पर अवैध रूप से प्लॉटिंग कर 14 लोगों को जमीन बेच दी है। यहीं के देवेंद्र सिंह रवाल पुत्र खीम सिंह रवाल ने भी 0.329 हेक्टेयर भूमि पर प्लॉटिंग कर नौ लोगों को यह जमीन बेची है। खरीदने वाले ये सभी 23 लोग दूसरे समुदाय के बताए जाते हैं। तीसरे मामले में गोपाल सिंह रवाल व मुकुंद राम गुप्ता ने नवाड़खेड़ा में ही अपनी 0.143 हेक्टेयर भूमि में से 0.130 हेक्टेयर भूमि आठ लोगों को बेची। इन आठ में से पांच लोगों ने अपनी जमीन बाद में दूसरे समुदाय के लोगों को ही बेच दी। जानकारी होने पर प्राधिकरण के अधिकारियों ने राजस्व विभाग के अधिकारियों से इसकी जांच कराई। जांच में इस खेल की कोशिशों की पुष्टि होने पर प्राधिकरण ने उपनिबंधक को पत्र भेजकर पांचों खातेदारों की जमीन खरीद फरोख्त पर रोक लगवा दी है।
100 वर्ग गज से कम की रजिस्ट्री की जांच में हुआ खुलासा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले दिनों जिला प्रशासन को 100 वर्ग गज से नीचे के रजिस्ट्री बैनामों के प्लॉटों और भूखंडों की जांच के निर्देश दिए थे। राजस्व विभाग और प्राधिकरण की अलग-अलग टीमें तभी से ऐसे मामलों की जांच कर रही हैं। गौलापार के नवाड़खेड़ा में हुई जांच में एक ही समुदाय के लोगों को 100-150 वर्ग गज के प्लॉट-भूखंड बेचने की पुष्टि हुई।
नवाड़खेड़ा ग्रामसभा में पांच भू स्वामियों ने अवैध रूप से स्थल विकास और प्लाटिंग का कार्य कर भूमि की खरीद फरोख्त की है। सभी खातेदारों ने एक ही समाज के लोगों को जमीन बेची है। उक्त खातेदारों ने अवैध रूप से जमीन का उप विभाजन कर कॉलोनी का विकास किया है जो रेरा प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। खातेदारों की शेष भूमि की खरीद फरोख्त पर रोक लगाने के लिए उपनिबंधक को पत्र भेजा गया है। नियमों के उल्लंघन में सभी का चालान भी किया गया है।
-एपी बाजपेयी, संयुक्त सचिव, जिला विकास प्राधिकरण, हल्द्वानी