नैनीताल। उत्तराखंड में लगता किसी भी मामले में नियम कायदे मायने नहीं रखते हैं। यहां सिर्फ सत्ता का आदेश सर्वोपरी होता है। जिसकी परिणति है कि सहायक सूचना निदेशक योगेश मिश्रा का तबादला आदेश 24 घंटे में ही निरस्त कर दिया गया है। इस तबादले को हल्द्वानी में पत्रकारों पर हुए लाठीचार्ज का परिणाम माना जा रहा था।
एक दिसंबर को सहायक सूचना निदेशक मिश्रा का तबादला चंपावत के लिए किया गया था और इस आदेश में साफ कहा गया था कि यह तबादला प्रशासनिक आधार पर किया गया है। लिहाजा तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा। चंपावत के जिला सूचना अधिकारी नारायण सिंह बिष्ट को नैनीताल का जिला सूचना अधिकारी बनाया गया था। आदेश में यह भी स्पष्ट था कि श्री बिष्ट के अवकाश के चलते ऊधमसिंह नगर के जिला सूचना अधिकारी भुवन चंद्र तिवारी जिला सूचना अधिकारी नैनीताल का अतिरिक्त कार्य देखेंगे। हल्द्वानी में पत्रकारों पर हुए लाठीचार्ज के दिन उनके मिस मैनेजमेंट को तबादले की वजह माना जा रहा था।
महानिदेशक सूचना रविनाथ रामन ने एक दिसंबर को जारी तबादला आदेश को पलटते हुए दो दिसंबर को जारी आदेश में कहा है कि ‘कार्यालय आदेश संख्या-938/सू.एवं लो. सं. वि. (प्रशा.) 1.12.2014 एतत द्वारा स्थगित किया जाता है’। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। सहायक सूचना निदेशक श्री मिश्रा का मात्र 24 घंटे में ही तबादला आदेश स्थगित किए जाने को ऊंची राजनीतिक दखल माना जा रहा है। हालांकि अमर उजाला ने इस आशय का संदेह पहले ही जता दिया था।