हल्द्वानी। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने वाहनों की स्पीड को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया है। परिवहन अधिकारियों के अनुसार वाहनों की गति पर अंकुश को पहली बार निजी वाहनों की मैक्सीमम स्पीड भी तय की गई है। नोटिफिकेशन को उत्तराखंड परिवहन विभाग की वेबसाइट पर भी लोड कर दिया गया है।
परिवहन अधिकारियों के अनुसार एनएच पर चलने के लिए बस जैसे कामर्शियल वाहनों की स्पीड अब तक 65 किमी प्रतिघंटा थी, जिसेे अब 80 किमी प्रतिघंटा कर दिया गया है। संभागीय परिवहन अधिकारी एसके सिंह कहते हैं कि नियम के दायरे में अब प्राइवेट कार, जीप, एसयूवी भी आ गए हैं। यह कितनी स्पीड से चलेगी, इसकी सीमा तय की गई है, इसमें मोटरयान, जिसमें चालक की सीट के अतिरिक्त नौ या अधिक सीट हो, वह 80 किमी प्रतिघंटे की स्पीड तक ही चल सकते हैं। ड्राइवर के अलावा आठ सीट वाले वाहन जो यात्रियों को ले जाते हैं, उनकी स्पीड 100 किमी प्रतिघंटा की गई है। पहली और दूसरी सूची के तहत टैक्सी और मैक्सी भी शामिल हैं। माल वाहक मोटर यान की स्पीड 80 किमी प्रतिघंटा तय हुई। पहली बार ही ‘चौपहिया साइकिल’ (क्वाडरी साइकिल) को भी इसमें शामिल किया गया है। चौपहिया साइकिल 70, तिपहिया वाहन 60 और बाइक की अभी अधिकतम गति सीमा 50 किमी प्रतिघंटे थी, जो अब 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगी। दूसरे मार्गों पर स्पीड राज्य सरकार तय करती है
हल्द्वानी। एनएच पर वाहनों की स्पीड का नोटिफिकेशन केंद्र का सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तय करता है। आरटीओ एसके सिंह कहते हैं कि राजमार्ग समेत दूसरे मार्गों पर किस गति से वाहनों का संचालन होगा, इसका नोटिफिकेशन राज्य करता है। हमारे मार्ग संकरे और अतिक्रमण से घिरे
हल्द्वानी। गति सीमा बढ़ाने का नियम राजस्थान, दक्षिण के राज्यों के अलावा उन जगहों पर कारगर है, जहां पर शानदार सड़क या फिर फोर/छह लेन जैसी सड़क हैं, पर हमारे यहां नैनीताल, रामनगर - काशीपुर-श्रीनगर जैसे एनएच तो ऐसे हैं, इनकी कम चौड़ाई और पहाड़ी मार्ग होने के कारण खुद ही वाहनों पर ब्रेक लग जाता है। रही-सही कसर कब्जेदारों ने निकाल दी है। उन्होंने मार्ग पर कब्जा कर उसकी चौड़ाई और कम कर दी है। ऐसे में दौड़ने की बात दूर कई जगह तो वाहन रेंग कर चलते हैं। सबसे वीआईपी नैनीताल मार्ग की चौड़ाई बढ़ने की बात सुनी जा रही है, पर यह कब बढ़ेगी, इसका निश्चित समय किसी को पता नहीं है।