नैनीताल। हाईकोर्ट ने चंपावत जिले के राजस्व ग्रामों के पुनर्गठन के पश्चात भी ग्रामों का आरक्षण पूर्ववर्ती रखने के मामले में सरकार को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश बारिन घोष एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। चंपावत निवासी गणेश उपाध्याय ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि नगर पंचायत बनबसा के बनने से कुछ राजस्व ग्रामों का कुछ हिस्सा नगर पंचायत में जाने से कई राजस्व गांवों का पुनर्गठन हुआ है।
याचिकाकर्ता का कहना था कि राजस्व ग्रामों के पुनर्गठन के पश्चात ग्रामों के क्षेत्रफल और जनसंख्या के अनुपात में अंतर आया है बावजूद इसके सरकार ने शासनादेश जारी कर नगर पंचायत बनबसा बनने के बाद तथा ग्रामों के पुनर्गठन के बाद भी आरक्षण पूर्ववर्ती ही रखा है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।