हल्द्वानी। अल्मोड़ा, रानीखेत और भवाली के लोगों के लिए राहत की खबर है। अब उन्हें लो-वोल्टेज और फाल्ट होने पर कटौती से नहीं जूझना पड़ेगा। पिटकुल ने पिथौरागढ़-अल्मोड़ा के बीच नई लाइन बनने के बाद उसका परीक्षण किया है। तीन-चार दिन में सप्लाई शुरू होने की संभावना है।
अब तक 220 केवी कमलुवागांजा से बिजली 132 केवी काठगोदाम को जाती थी। यहां से भवाली, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ को बिजली जाती थी। 132 केवी पिथौरागढ़-अल्मोड़ा लाइन बनने के बाद अब सप्लाई पिथौरागढ़ से अल्मोड़ा और भवाली को आएगी। लाइन के निर्माण पर लगभग छह करोड़ रुपए खर्च हुए। इस संबंध में अल्मोड़ा के अधिशासी अभियंता ललित मोहन बिष्ट ने बताया कि लाइन बनने से अल्मोड़ा, भवाली और रानीखेत के लोगों को लो-वोल्टेज की समस्या से निजात मिलेगी। साथ ही फाल्ट आने पर कटौती से नहीं जूझना पड़ेगा। श्री बिष्ट ने बताया कि डबल सर्किट होने के कारण अब एक लाइन पर निर्भरता खत्म हो गई है। इस लाइन को पावर ग्रिड कारपोरेशन चंडाक पिथौरागढ़ से जोड़ा गया है।
टावर के लिए हुआ था विवाद
हल्द्वानी। ऐंचोली (पिथौरागढ़) में लाइन के लिए टावर लगाने का ग्रामीणों ने विरोध भी किया। अल्मोड़ा के अधिशासी अभियंता ललित मोहन बिष्ट ने ग्रामीणों की समस्या का निदान कराया। श्री बिष्ट ने बताया कि टावर के डिजाइन में बदलाव किया गया है, साथ ही जगह भी बदली गई।