ज्योलीकोट। ज्योलीकोट-भवाली एनएच पर अगर आप सफर कर रहे हैं तो जरा सावधान होकर गाड़ी चलाएं। टैक्सी, बस चालकों से धीरे चलने को कहें। वरना जरा सी चूक एनएच पर जान ले सकती है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी ज्योलीकोट से भवाली तक मार्ग जानलेवा बना है। कई जगह एनएच क्षतिग्रस्त है। रोज हजारों यात्री वाहन खतरों से भरे मार्ग में सफर करते हैं लेकिन जिम्मेदार अधिकारी फिर भी बेपरवाह हैं।
ज्योलीकोट से भवाली तक 17 किलोमीटर का मार्ग लंबे समय से बदतर स्थिति में है। वर्ष 2012 में विभाग ने डेढ़ करोड़ रुपये खर्च कर मार्ग में हाटमिक्स करवाया था लेकिन एक वर्ष के भीतर गुणवत्ता की कमी के चलते हाटमिक्स उखड़ गया। वीरभट्टी, ब्रेबरी पुल के दोनों ओर, तल्ला गेठिया, गेठिया पड़ाव खूपी, भूमियाधार से मस्जिद तिराहा भवाली तक सफर करना बेहद जोखिमभरा है। गेठिया सेनिटोरियम के पास तो सड़क से उठता धूल का गुबार क्षयरोगियों के वार्ड तक पहुंचता है।
मार्ग में अधिकांश पैराफिट क्षतिग्रस्त हैं। एनएच किनारे रेडियम लगे खंभे तिरछे हो गए हैं। गड्ढों से भरे मार्ग में कहीं भी कोई संकेतक, चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। विधायक सरिता आर्या के गृह क्षेत्र भूमियाधार से खूपी तक एनएच के हाल बहुत बुरे हैं। इस सबके बाद भी एनएच की दशा सुधारना तो दूर, गड्ढे तक नहीं भरे जा रहे।
- मार्ग सुधारीकरण के लिए टेंडर हो चुका है। मौसम खराब होने के कारण पेचिंग का कार्य नहीं हो पा रहा है। कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। -मनोहर सिंह धर्मसक्तू, ईई एनएच।
- जिला योजना की बैठक में इस समस्या को उठाया जा चुका है। एनएच सुधारीकरण के लिए पूरे प्रयास किए जाएंगे। -सरिता आर्या, विधायक।