रामनगर। वन विभाग के स्थानीय दफ्तर में इन दिनों कागजों का भंडार लगा है। हर कागज में लिखे नाम को नौकरी की तलाश है, लेकिन नौकरी किसी को नहीं मिलने वाली। माजरा समझ में आया। नहीं ना... तो सुनिए इन कागजों की कहानी। विभाग ने सामयिक कर्मचारी (दैनिक कर्मचारी) की भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। यह भर्ती सिर्फ विभागीय दैनिक मजदूरों के लिए है, लेकिन अपने रामनगर में ही बेरोजगारी का चरमोत्कर्ष देखिए।
रोजगार के लिए भटक रहे बेरोजगारों ने इसे खुली भर्ती मान लिया और आवेदन भरकर सीधे दिए गए पते पर पोस्ट कर दिया। पांच जनवरी तक आवेदन पत्र पंजीकरण डाक से जमा किए जाने हैं और अब तक जंगलात के दफ्तर में आवेदन पत्रों का चट्टा लग गया है। कितने आए यह विभाग भी नहीं गिन पाया, अलबत्ता मुश्किल यह है कि अब इतने सारे आवेदन पत्रों में से उनके आवेदन कैसे छांटे जाएं, जिनके लिए भर्ती निकाली गई है। कुल 24 पदों पर होने वाली भर्ती ने जंगलात को इतना परेशान कर दिया है कि हर रोज सुबह से शाम तक आवेदन पत्र चेक किए जा रहे हैं।
वहीं, प्रशासनिक अधिकारी हंसा पांगती ने बताया कि आवेदकों में भ्रम की स्थिति होने की वजह से ही यह समस्या पैदा हुई है। इस भर्ती में केवल वही आवेदन कर सकते हैं जो वन विभाग में दैनिक मजदूर हैं। उन्होंने बताया कि विभागीय आवेदनों के अलावा बाकी फार्मों को निरस्त कर दिया जाएगा।