हल्द्वानी। सरकारी अस्पतालों में सोमवार को ओपीडी ठप रहेगी। कुमाऊं भर में हजारों मरीजों को इसकी मार झेलनी पड़ेगी। समयबद्ध प्रोन्नति के अलावा डाक्टरों की कई मांगें लंबित हैं। डाक्टरों का कहना है कि कई बार आश्वासन के बावजूद उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सोमवार को होने वाला कार्य बहिष्कार केवल चेतावनी है। असल हड़ताल 14 जनवरी से शुरू होगी।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि डाक्टरों की कमी के बावजूद सरकार स्वास्थ्य सेवाओं की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले डाक्टरों की उपेक्षा लंबे समय से जारी है। समयबद्ध प्रोन्नति के अलावा प्रमोशन का तय समय बीतने के छह साल बाद भी डाक्टरों को प्रमोशन नहीं दिया गया है। प्लेन और स्पेशलिस्ट डाक्टरों की तनख्वाह में कोई अंतर नहीं है। इसके अलावा तबादला नीति में भी तमाम खामियां हैं। इन मांगों को संघ लंबे समय से उठा रहा है। इसके बावजूद कोई शासन की तरफ से कोई पहल नहीं की गई।
संघ के अतिरिक्त महासचिव डा. प्रदीप पांडे ने बताया कि सोमवार को होने वाला बहिष्कार केवल चेतावनी है। इसके बाद फैसला सरकार को लेना है। यदि कोई कार्रवाई नहीं होती तो छह से आठ जनवरी तक फिर कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती तो 14 जनवरी से तीन दिन के लिए सभी सेवाएं ठप कर दी जाएंगी। कुमाऊं में करीब 320 डाक्टर कार्य बहिष्कार पर रहेंगे। जिला मुख्यालय के रोगियों पर बहिष्कार का अधिक असर पड़ेगा। क्योंकि पहाड़ के दूरस्थ इलाकों में पहले ही स्वास्थ्य सेवाएं फार्मेसिस्टों के भरोसे चल रही हैं।