हल्द्वानी। कृष्णा विहार में घर-घर बिजली होने के बावजूद अंधेरे जैसी स्थिति है। कालोनी बसने के बाद से ही अधिकांश परिवार लो-वोल्टेज की समस्या झेल रहे हैं। शाम ढलने के बाद बिजली की यह स्थिति होती है कि उसकी रोशन में बल्ब के कांच के अलावा कुछ नहीं दिखता। घर में बिजली का पूरा प्रबंधन होने के बावजूद लोगों को उजाले के लिए मोमबत्ती, पेट्रोमेक्स आदि चीजों का उपयोग करना पड़ता है। लो-वोल्टेज के कारण पानी की समस्या भी आम हो गई है। क्योंकि बिजली कम होने के कारण मोटर एक बूंद पानी तक नहीं खींच पाती।
आरटीओ रोड के पास बसी कृष्णा विहार कालोनी के कई मकान टीपीनगर सबस्टेशन से जुड़े हैं तो कई को कमलुवागांजा सबस्टेशन से बिजली मिलती है। टीपीनगर से जुड़े घरों में तो बिजली की कोई दिक्कत नहीं, लेकिन कमलुवागांजा सबस्टेशन से जुड़े करीब 50 परिवार करीब-करीब अंधेरे में ही रात काटते हैं। कालोनी में रहने वाले पूर्व शिक्षक केएन पंत कहते हैं कि इस संबंध में कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सुबह दस बजे बाद ही मोहल्ले में बिजली के हालात सुधरते हैं। इससे पहले वाशिंग मशीन, पानी गरम करने वाली राड, प्रेस, टीवी, सब खाली डब्बे हैं।
बसंत बल्लभ जोशी कहते हैं इतनी बिजली तक विभाग नहीं दे पाता कि एक छोटी सी मोटर चल सके। इस वजह से पानी की भी विकराल समस्या है। इस संबंध में कई बार बिजली विभाग से ट्रांसफार्मर बदलने की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अनीता किरोला कहती हैं कि लो-वोल्टेज की समस्या महिलाओं और बच्चों पर अधिक भारी पड़ती है। सुबह बिजली-पानी न मिलने से घर के काम तो प्रभावित होते ही हैं साथी बच्चों की पढ़ाई पर भी इसका असर पड़ता है। दया जोशी कहती हैं कि इस समस्या से निपटने के लिए कम से कम 25 केवी का ट्रांसफार्मर लगाया जाना चाहिए या फिर पूरी कालोनी को टीपी नगर सबस्टेशन से जोड़ा जाना चाहिए।
कोट::
संभव हुआ तो लो-वोल्टेज की समस्या झेल रहे परिवारों को टीपीनगर सबस्टेशन से जोड़ा जाएगा। ऐसा नहीं होता तो ट्रांसफार्मरों की स्थिति देखी जाएगी। ईई से बात कर एक-दो दिन में इसे सुलझा लिया जाएगा। -एचके गुरुरानी, एसई