हल्द्वानी। विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि अल्पसंख्यक बिल कांग्रेस का जजिया है। जिसको हिंदुओं को टारगेट कर बनाया गया है।
अध्यक्ष तोगड़िया ने यह बात बुधवार को रुद्राक्ष बैंक्वेट हाल में धर्म रक्षा निधि कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि मुगलकाल में हिंदू होने के कारण हिंदुओं से एक शुल्क लिया जाता था, जिसे जजिया जाता था। इसे औरंगजेब ने और कठोरता से लागू कराया था। अब बिल के जरिए कांग्रेस वही दौर लाना चाहती है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम आबादी का बढ़ना पापुलेशन जेहाद है। इसी जनसंख्या के दम पर मुस्लिम वोट बैंक बना है, जिसके गुलाम हमारे राजनीतिक दल हैं। उन्होंने कहा कि संगठन से जुड़ने को सोशल मीडिया बेहतर साधन है। उन्होंने बताया कि हिंदू हेल्प लाइन के माध्यम से समाज की मदद की कोशिश की जा रही है। जनवरी से लोगों को निशुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी।
इससे पूर्व मेरठ-उत्तराखंड प्रांत संगठन मंत्री ईश्वरी प्रसाद, क्षेत्रीय मंत्री देवेश उपाध्याय, कैलास जोशी, जिलाध्यक्ष डा. गिरिजा शंकर पांडे, वैभव कांडपाल ने तोगड़िया का स्वागत करने के साथ स्मृति चिन्ह व तलवार भेंट की। इससे पूर्व वयोवृद्ध होरीलाल का माला पहना कर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम को पंकज कपूर ने भी संबोधित किया। इस दौरान पूर्व सांसद बलराज पासी, पूर्व पालिकाध्यक्ष रेनू अधिकारी, रंदीप पोखरिया, धीरेंद्र शर्मा, नरेश भंडारी, डा. आरके महाजन आदि मौजूद थे।
सरकार के कदम को सराहा भी
हल्द्वानी। विहिप अध्यक्ष तोगड़िया ने अमेरिका में तैनात भारतीय राजनयिक देवयानी के अपमान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होेेंने कहा कि भारतीयों को भी अमेरिकी वस्तुओं का बहिष्कार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देवयानी के मामले में जिस तरह केंद्र सरकार ने प्रतिक्रिया की है, वह इस मामले में उनकी सराहना करते हैं। मोदी को समर्थन के सवाल पर कहना था कि जो हिंदू बच्चों की शिक्षा, व्यापार से लेकर धारा 370 हटाने का आश्वासन देने के साथ घोषणा पत्र में उल्लेख करेगा, उसके बाद जनता खुद ही फैसला करेगी। विहिप किसी को समर्थन देने की बात नहीं करती है।
सर्जन हैं तोगड़िया
हल्द्वानी। विहिप अध्यक्ष डा. प्रवीण तोगड़िया का जन्म 1956 में गुजरात के अमरेली नामक स्थान पर हुआ था। डा. तोगड़िया ने एमबीबीएस करने के बाद मास्टर आफ सर्जरी(कैंसर सर्जन) की। उन्होंने करीब 14 साल तक डाक्टरी की और अहमदाबाद में एक अस्पताल भी स्थापित किया। इसके अलावा डा. तोगड़िया ने वकालत भी की है।
एमबीबीएस के छात्र पहुंचे
डा. तोगड़िया को सुनने के लिए भारी भीड़ जुटी। इसमें मेडिकल कालेज के एमबीबीएस के छात्र भी बड़ी संख्या में पहुंचे और उनका स्वागत किया।