हल्द्वानी। तेंदुए की खाल के साथ काठगोदाम पुलिस ने दो पीआरडी जवान सहित तीन तस्करों को रानीबाग पुल के पास गिरफ्तार किया है। उनके पास से जो खाल बरामद की गई वह करीब दो सप्ताह पुरानी बताई जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों ने भी तीनों से पूछताछ की, जिसमें कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।
एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव ने काठगोदाम थाने में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि धानाचूली के कुछ लोगाें पर खाल तस्करी का शक था। किसी तरह पुलिस ने ग्राहक बनकर उनसे संपर्क किया। उनसे एक खाल का सौदा चार लाख में किया। इसके बाद तीन लोग खाल लेकर सोमवार रात धानाचूली से हल्द्वानी आने लगे। इस पर एसओ काठगोदाम संजय पांडे के नेतृत्व में पुलिस और वन विभाग की टीम ने रानीबाग पुल के पास तीनों को खाल के साथ धर दबोचा। उनकी पहचान धानाचूली निवासी जीवन चंद्र टम्टा, दीपक चंद्र और उसके भाई तारा चंद्र के रूप में हुई। खाल के साथ तीनों को थाने लाया गया, जहां पूछताछ में पता चला कि जीवन चंद्र और दीपक पीआरडी जवान हैं, जबकि तारा चंद्र मजदूरी करता है। तारा चंद्र ने बताया कि करीब एक माह पूर्व जब वह हेड़ाखान-चीनिया के जंगल में लकड़ी लेने गया था तो वहां उसे तेंदुआ मरा मिला। उसने अन्य दो को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद उसकी खाल निकालकर रख ली गई। बाद में वे खाल के लिए ग्राहक खोजने लगे थे।
जहर देकर मारने की आशंका
सीओ लोकजीत सिंह ने बताया कि खाल में किसी तरह के चोट के निशान नहीं हैं, जिससे उसे गोली या फंदे से नहीं मारा गया, बल्कि उसे जहर देकर मारे जाने की आशंका है, जिसकी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि जीवन टम्टा गांव में बकरे काटने का काम करता था। उसी ने काफी सफाई के साथ तेंदुए की खाल निकाली। खाल के कुछ जगहों पर अभी गंध महसूस की जा रही है, जिससे उसके ताजे होने का पता चल रहा है।