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राहत सामग्री से भरे 11 ट्रक ‘लापता’

Wed, 04 Dec 2013 05:46 AM IST
Nainital
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हल्द्वानी। दैवीय आपदा में कुमाऊं के प्रभावित इलाकों में समाजसेवियों के प्रयासों से भेजी गई राहत सामग्री में गोलमाल हुआ है। हल्द्वानी से पिथौरागढ़ जिले के लिए राहत सामग्री से लदे 11 ट्रक गायब हो गए। सूचना अधिकार अधिनियम में मांगी गई सूचना में इन 11 ट्रकों का कोई जिक्र नहीं है। राहत सामग्री के गबन के खुलासे से प्रशासन में खलबली मच गई है।
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16 जून को आए जलप्रलय ने उत्तराखंड में भारी तबाही मचाई। कुमाऊं के पिथौरागढ़ जिले में आपदा से दर्जनों लोग मारे और सैकड़ों बेघर हो गए। प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्यों में समाजसेवियों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। हल्द्वानी से समाजसेवी गुरविंदर सिंह चड्डा, हेमंत गोनिया और नवीन कपिल ने सामूहिक रूप से रोजमर्रा के जरूरत का सामान एकत्र कर प्रभावित इलाकों के लिए भेजा। हल्द्वानी से भेजी गई राहत सामग्री प्रभावित लोगों के बीच वितरण होने तो दूर सरकारी कागजों में उनकी रिसीविंग तक नहीं है, हालांकि अफसरों ने राहत सामग्री के ट्रकों को रिसीव किया था।
आरटीआई कार्यकर्ता चड्डा की ओर से मांगी सूचना पर राहत सामग्री के गोलमाल के खुलासे से पिथौरागढ़ जिला प्रशासन में खलबली मची है। चड्डा के मुताबिक 22 जून से 18 जुलाई तक अलग-अलग तारीखों पर उनके प्रयासों से हल्द्वानी से पिथौरागढ़ जिले के प्रभावित इलाकों के लिए 11 ट्रकों में राहत सामग्री भेजी गई। ट्रकों की व्यवस्था भी स्थानीय प्रशासन ने की। राहत सामग्री से लदे ट्रकों को प्रशासनिक अधिकारियों से हरी झंडी देकर रवाना किया और पिथौरागढ़, जौलजीवी, मुनस्यारी, धारचूला में वहां के प्रशासनिक अधिकारियों ने ट्रकों को रिसीव किया। चड्डा, गोनिया और कपिल ने पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी से प्रभावित इलाकों को भेजी गई राहत सामग्री के खुले बाजार में बेचे जाने की आशंका जताई है। समाजसेवियों ने कहा कि इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए।
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