हल्द्वानी। रामपुर-काठगोदाम फोरलेन बनाने की सरकारी मंशा पर जनता का मुट्ठी बांधा हाथ भारी पड़ सकता है। शनिवार को गौलापार के छोटे गांव खेड़ा, नवाड़खेड़ा की सड़कों से होता हुआ जो जुलूस हल्द्वानी जिला मजिस्ट्रेट कैंप दफ्तर के आगे रुका, उसने साफ-साफ ऐलान किया कि फोरलेन से पहले हमारी सुननी होगी। जनता की अदालत में फोरलेन का फैसला होगा। ग्रामीणों के साथ धोखा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जुलूस की शक्ल में पहले बुद्ध पार्क पहुंचे ग्रामीणों ने फिर डीएम कैंप कार्यालय की ओर कूच किया। कैंप ऑफिस के गेट के सामने अपनी मांगें दोहराई और कहा कि अगर फोरलेन के लिए भूमि अधिग्रहीत करनी है तो पहले जनता की अदालत में अफसरों को आकर दलीलें सुननी पड़ेंगी। हाइवे के नाम पर जमीन बर्बाद करने से अच्छा यह होगा कि पहले क्षेत्र में अच्छे स्कूल खोले जाएं, अस्पताल बने। ताकि लोगों को सुविधा मिले और ऐसे काम के लिए लोग खुदबखुद जमीन देने को तैयार रहेंगे। ग्रामीण जनता के मुद्दों को दरकिनार किया गया तो एक भी व्यक्ति फोरलेन के लिए जमीन नहीं देगा।
आरोप लगाया कि जमीन अधिग्रहण की जो अधिसूचना जारी हुई, उसके बारे में भी ग्रामीणों को कुछ नहीं बताया गया। डीएम एएस ह्यांकी एनएच, लोनिवि, प्रशासन, पुलिस की मौजूदगी में भरोसा दिया कि 16 सितंबर को दुबारा सर्वे होगा और जनसुनवाई रखी जाएगी। प्रदर्शन में ब्लाक प्रमुख संध्या डालाकोटी, किसान संघर्ष समिति के राजेश जोशी, दामोदर जोशी समेत दर्जनों लोग शामिल थे।