नैनीताल। एक पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारी को डीएसबी परिसर में सेमिनार की अनुमति देने से छात्रसंघ समेत विभिन्न छात्र संगठन भड़क गए। उन्होंने सेमिनार को छात्र विरोधी बताते हुए विरोध कर इसे नहीं होने दिया। इस दौरान उनकी सेमिनार में मौजूद आइसा कार्यकर्ताओं के साथ तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई, जिससे करीब दो घंटे तक परिसर में माहौल तनावपूर्ण बना रहा। बाद में पुलिस बल की मदद से आइसा कार्यकर्ताओं को परिसर से बाहर कर दिया गया।
29 जुलाई को छात्रसंघ के पूर्व सचिव पंकज मेलकानी ने परिसर निदेशक प्रो.बीआर कौशल को एक अगस्त को भौतिक विज्ञान के सभागार में एजूकेशन फार सोसायटी नामक सेमिनार कराने के लिए अनुमति मांगी थी, जिसकी निदेशक ने संस्तुति कर दी थी। इधर, आज जैसे ही छात्र संघ अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट समेत अभाविप एवं एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को सेमिनार होने की जानकारी मिली तो वह मौके पर पहुंचे और विरोध शुरू कर दिया।
बिष्ट का आरोप था कि बिना छात्र संघ एवं अन्य को विश्वास में लिए ठीक प्रवेश प्रक्रिया के दौरान सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। इतना ही नहीं सेमिनार के विषय से हटकर इसमें आइसा की गतिविधियों पर चर्चा हो रही है। बाद में सभी ने मिलकर सेमिनार का विरोध किया। इस दौरान उनकी सेमिनार में भाग लेने पहुंचे जेएनयू दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष संदीप सिंह एवं सुचिता डे के अलावा हेमंत खाती, ललित मटियाली से तीखी नोकझोंक हुई।
आइसा कार्यकर्ताओं ने न्यू आर्ट्स प्रांगण में सभा करने का प्रयास किया, लेकिन इस बीच निदेशक समेत डीएसडब्ल्यू प्रो.डीसी पांडे, प्रो.अजय अरोरा, डा.एसएन लाल, डा.श्रीष मौर्य आदि भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। प्रो.अरोरा की भी संदीप सिंह के साथ तीखी बहस हुई। विरोध के चलते सभा नहीं हो सकी। बाद में पुलिस बल की मौजूदगी में आइसा कार्यकर्ताओं को परिसर से बाहर कर दिया गया। आइसा कार्यकर्ताओं का कहना था कि वह समाज के लिए शिक्षा विषय को लेकर सेमिनार कर रहे हैं, छात्र संघ समेत अन्य संगठनों की ओर से इस तरह से सेमिनार का विरोध करना ठीक नहीं है। दूसरी ओर सेमिनार के लिए अनुमति लेने वाले छात्र नेता पंकज मेलकानी का कहना था कि उन्होंनेे छात्र अध्यक्ष को सेमिनार की जानकारी दे दी थी।