लालकुआं। वन अनुसंधान केंद्र में घुसे नकाबपोश तस्करों ने तमंचे के बल पर चौकीदार को बंधक बनाकर चंदन के तीन पेड़ काट डाले और कार में भरकर भाग निकले। दो तस्करों को वन विभाग ने नाकेबंदी कर धर लिया। इनके पास से चंदन के 22 छोटे गिल्टे बरामद हुए हैं। दोनों तस्करों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस इनके अन्य फरार साथियों के बारे में पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चंदन तस्करी में कानपुर और रामपुर के तस्कर शामिल हैं। वारदात के बाद गिल्टे बेचने के लिए कानपुर ले जाने की योजना थी। फरार तस्कर अपने साथ चंदन की लकड़ियां भी ले गए हैं।
घटना सोमवार आधी रात की है। करीब 12 बजे घुसे वन अनुसंधान केंद्र की सुरक्षा दीवार लांघ तस्करों का गैंग परिसर के भीतर पहुंचा और तीन पेड़ों पर आरी चलाकर टहनियों के अलग-अलग टुकड़े कर दिए। रात्रि ड्यूटी में तैनात चौकीदार श्रीराम को जब परिसर में कुछ आहट होने का आभास हुआ तो वो चंदन के पेड़ों की तरफ गया। घात लगाकर बैठे तस्करों ने तमंचा दिखाकर श्रीराम को एक पेड़ से बांध उसका मुंह बंद कर दिया और फिर से पेड़ काटने में जुट गए। श्रीराम ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात दूसरा चौकीदार गोपाल बहादुर जब उसे खोजने के लिए आया तो उसे भी बंधक बना लिया गया।
वारदात में खलल की आशंका को देख तस्करों ने कटे हुए गिल्टे सड़क में खड़ी कार में भरने शुरू किए। वन विभाग के इन चौकीदारों के अनुसार कुल दस तस्कर वारदात में शामिल थे। सुबह चार बजे आठ तस्कर कार लेकर फरार हुए जबकि दो ने 22 गिल्टे लेकर दूसरी गाड़ी से निकलने की योजना बनाई। तभी वन कंपाउंड में रहने वाले एक मजदूर को घटना का पता चला तो उसने फोन से वन दरोगा आनंद बल्लभ को सूचना दी। इस सूचना के बाद वन अधिकारियों में खलबली मच गई। तुरंत नाकेबंदी कर दो तस्करों को मय चंदन के गिल्टों के दबोच लिया गया। अनुसंधान केंद्र के वन दरोगा एबी बेलवाल ने बताया कि तस्करों ने अपना नाम आबिद निवासी ग्राम बरा, थाना मिलक (रामपुर) और लियाकत निवासी मोहल्ला बिलासपुर बताया है। कोतवाली पुलिस वन एक्ट में इनके खिलाफ मुकदमा कर फरार साथियों की पूछताछ कर रही है। तस्करों ने बताया कि लकड़ी कानपुर ले जाने की योजना थी।
उच्चाधिकारियों से मांगी काटने की इजाजत
लालकुआं। तस्करों से तंग जंगलात ने अनुसंधान केंद्र में तैयार हो चुके चंदन के वृक्षों को काटने की विभागीय अनुमति मांगी है। हालांकि इस प्रक्रिया में लंबा वक्त लगता है। वन अनुसंधान केन्द्र में चंदन के पेड़ काटने की यह पहली घटना नहीं है। पूर्व में भी यूपी के चंदन तस्कर यहां धमक चुके हैं। पिछली बार कन्नौज और कानपुर के तस्करों ने लग्जरी कार में गिल्टे लोड किए थे, जिसे पकड़ लिया गया। हर साल चंदन काटने की घटना के बाद ही अनुसंधान केंद्र के वन अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है।