हल्द्वानी। खटारा वाहनों को भले सड़क से हटाने की बात होती हो पर परिवहन विभाग इन खटारा वाहनों को बढ़ावा देने में लग गया है। 20 साल से पुराने ट्रकों को टैक्स में छूट दी गई है। यह संशोधन आदेश चर्चा का विषय बना हुआ है।
पहाड़ में ट्रक से परिवहन विभाग प्रतिवर्ष प्रति टन 1180 टैक्स लेता था, जबकि मैदान के वाहनों से 680 रुपये टैक्स था। इस विसंगति को देखते हुए दिसंबर-2012 के मोटरयान कराधान सुधार में मैदान और पहाड़ दोनों के लिए 850 रुपये हर साल, एक टन भार पर कर देना तय कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार इसे लेकर अंदरखाने एक लॉबी विरोध में खड़ी हो गई। इसके बाद टैक्स में संशोधन का आदेश परिवहन मुख्यालय ने जारी कर दिया है, इसमें 20 साल से पुराने जो भी ट्रक होंगे, उन्हें अब 750 रुपये प्रति टन हर साल टैक्स देना होगा। इस तरह 17 टन की भार क्षमता के ट्रक को इस आदेश से सालाना 1700 की छूट प्रदान कर दी गई है। ऐसे में गौला समेत दूसरे खनन में लगे वाहनों को लाभ मिल सकेगा। संभागीय परिवहन अधिकारी एसके सिंह कहते हैं कि आदेश के अनुसार टैक्स लिया जा रहा है। रही बात पुराने वाहनों की तो उनकी कड़ाई से फिटनेस जांच कराई जाएगी।