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करंट की चपेट में आए दो मिस्त्री, एक की मौत

Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
Nainital
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हल्द्वानी। इंदिरानगर की बड़ी रोड क्षेत्र में शुक्रवार को पाड़े पर चढ़कर दो मंजिला निर्माणाधीन मकान की ममटी पर प्लास्टर करने के दौरान दो राज मिस्त्री बगल से गुजर रही हाईटेंशन (एचटी) लाइन की चपेट में आ गए। करंट लगने के बाद पचास वर्षीय राजमिस्त्री की पाड़े से सड़क पर गिरकर मौत हो गई। जबकि दूसरा राजमिस्त्री करंट लगने से पाड़े में फंस गया। हादसा देखकर लोगों में खलबली मच गई। वहां मौजूद मजदूरों ने घायल राजमिस्त्री को पाडे़ से उतारकर सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया है। चिकित्सकों ने हालत गंभीर होने पर राजमिस्त्री को अन्यत्र रेफर कर दिया।
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आल इंडिया मुस्लिम फेडरेशन के जिलाध्यक्ष सुलेमान खान का इंदिरानगर की बड़ी रोड पर दो मंजिला मकान में काम चल रहा है। निर्माणाधीन मकान में मोहम्मदी चौक निवासी राजमिस्त्री मो. मौलादीन (49) अपने बेटे मो. सलमान और नूरी मस्जिद निवासी राजमिस्त्री मो. अहसान के साथ काम रहे थे। शुक्रवार को दिन में करीब साढ़े ग्यारह बजे मौलादीन और अहसान मकान की ममटी पर प्लास्टर करने के लिए पाड़े पर चढ़े हुए थे। मकान के बगल से हाईटेेंशन (एचटी) लाइन गुजर रही है। इसी दौरान मौलादीन और अहसान एकसाथ हाईटेंशन लाइन के तारों की चपेट में आ गए। करंट के झटके में मौलादीन पाड़े से सड़क पर गिर गए और अहसान पाड़े में फंस गए। सड़क पर सिर के बल गिरने से मौलादीन की मौके पर मौत हो गई। जबकि अहसान गंभीर रूप से घायल हो गए। मौलादीन का पुत्र सलमान भी चोटिल हो गया। हादसे से मोहल्ले में खलबली मच गई। मौके पर भीड़ जमा हो गई। मौलादीन के परिजन मौके पर पहुंचे। मजदूरों ने अहसान को सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया।


22 साल पहले आकर बसे थे मौलादीन
हल्द्वानी। मौलादीन की मौत से उनके परिवार में कोहराम मचा है। मौलादीन के पांच पुत्र और एक पुत्री है। मौलादीन कई दिनों से इस मकान में पुत्र सलमान के साथ काम कर रहे थे। मो. सुल्तान ने बताया कि उसके पिता मोहम्मदी चौक में करीब 22 साल से रह रहे थे। मौलादीन की पत्नी और बेटी का रो-रोकर बुरा हाल है।
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दर्जनों मकान एचटी की चपेट में
हल्द्वानी। इंदिरानगर की बड़ी रोड वाली गली में सुलेमान खान का इकलौता मकान नहीं है जो हाईटेंशन लाइन के नजदीक बना है। बड़ी रोड में दर्जनों मकान हाईटेंशन लाइन की चपेट में हैं। चौबीस घंटे तारों से लोगों को डर लगता है। बताया जाता है कि हाईटेंशन लाइन पुरानी है और मकान धीरे-धीरे बने हैं लेकिन प्रशासन ने कभी इंदिरानगर में बनने वाले मकानों के बारे में जानकारी नहीं ली।
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