हल्द्वानी। पुलिस प्रशासनिक अफसरों में एक राय न होना और स्टिक रणनीति न बनने के कारण शहर का ट्रैफिक दिन पे दिन नर्क हो रहा है। मंगलपड़ाव आटो स्टैंड से लेकर रोडवेज बस स्टैंड तक ट्रैफिक सुधारने के लिए कम से कम दस वार पुलिस प्लान बना चुकी है लेकिन प्लान चंद दिनों में ध्वस्त हो जाता है। इन प्लानों के ध्वस्त होने के पीछे प्रशासनिक अफसरों के आगे न आना है। अब पुलिस फिर ट्रैफिक सुधारने के लिए नया प्लान बनाने की तैयारी कर रही है। नई व्यवस्था से बिगड़े शहर के ट्रैफिक व्यवस्था के पटरी पर आने की उम्मीद है।
विदित हो कि कुमाऊं रेंज के तत्कालीन आईजी राम सिंह मीना और हल्द्वानी की तत्कालीन एएसपी पी रेणुका देवी ने हल्द्वानी की ट्रैफिक व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कई प्रयोग किए। रेणुका देवी ने ओके होटल से सीधे मंगलपड़ाव तक टेंपो चलने पर रोक लगा दी। इस व्यवस्था से काफी सुधार हुआ लेकिन यह व्यवस्था भी ज्यादा कारगर साबित नहीं हुई। ट्रैफिक बिगड़े हुए डेढ़ साल होने को आया है। शहर की सड़कों पर दोपहिया, चौपहिया वाहनों का दबाव हर साल दोगुना होता जा रहा है लेकिन ट्रैफिक सुधार के लिए न ही पुलिस और न प्रशासन कोई स्टिक रणनीति बना पा रहा है। स्टिक रणनीति बनाना तो दूर पुलिस प्रशासन एक राय भी नहीं है। एक राय न होने से शहर का ट्रैफिक बिगड़ता जा रहा है।