हल्द्वानी। राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के निस्तारण को राजस्व परिषद ने कड़ा रूख अपनाया है। राजस्व परिषद अध्यक्ष ने सभी जिलों को डेढ़ माह की मोहलत देते हुए कहा है कि 31 दिसंबर को वादों के निस्तारण नहीं होने पर जो भी एसडीएम और तहसीलदार जिम्मेदार होंगे, उनकी प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जाएगी। बता दें कि नैनीताल जिले में ही साढ़े तीन हजार राजस्व वाद लंबित हैं। इनमें सर्वाधिक करीब एक हजार वाद हल्द्वानी के राजस्व न्यायालयों में लंबित हैं।
राज्य में तमाम प्रयासों के बावजूद राजस्व वादों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। हजारों वाद राजस्व न्यायालयों में लंबित हैं। अब राजस्व परिषद सख्त हुआ है। परिषद अध्यक्ष की ओर से सभी जिलों को जारी निर्देशों में कहा गया है कि आगामी 31 दिसंबर तक लंबित वादों को निस्तारित कर दिया जाए। कहा गया है कि एक जनवरी से परिषद अध्यक्ष स्वयं वादों की समीक्षा करेंगे। समीक्षा में तीन वर्ष पुराना कोई भी वाद लंबित पाया गया तो संबंधित परगना मजिस्ट्रेट और तहसीलदार की प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज कर दी जाएगी।
वादों के त्वरित निस्तारण को जिलाधिकारी निधिमणि त्रिपाठी ने शुक्रवार को नैनीताल में जिले भर के उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों की बैठक ली। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में हल्द्वानी में सर्वाधिक करीब एक हजार वाद लंबित हैं, इनका निर्धारित समय सीमा से पहले निस्तारण कर लिया जाए। उन्होंने वादों के समय से निस्तारित नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की।
वसूली में कालाढूंगी तहसील फिसड्डी
हल्द्वानी। राजस्व वसूली में कालाढूंगी तहसील जिले में सबसे फिसड्डी रही है। इस तहसील ने इस वित्तीय वर्ष में अभी तक मात्र 24 फीसदी की वसूली की है। जबकि पूरे जिले में 43 फीसदी वसूली हुई है। जिलाधिकारी निधिमणि त्रिपाठी ने वसूली में फिसड्डी कालाढूंगी तहसील के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि इस मामले में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि हल्द्वानी तहसील ने 43 प्रतिशत का राजस्व वसूला है। यहां भी वसूली में तेजी लाने की जरूरत है। ब्यूरो