रामनगर। कार्बेट टाइगर रिजर्व में बने सभी वन विश्राम भवनों में बृहस्पतिवार से रात्रि विश्राम की सुविधा भी शुरू हो गई। पहले दिन सपरिवार निजी गोपनीय टूर पर पहुंचीं प्रियंका गांधी के परिजनों ने रामगंगा नदी के किनारे वनराज बाघ समेत नजदीक से कई वन्यजीवों के दर्शन किए। जिन्हें देखकर उनके सभी परिजन अभिभूत हो गए।
बरसात के कारण कार्बेट टाईगर रिजर्व के अधिकांश टूरिज्म जोन में 15 जून से पर्यटन गतिविधियों समेत वहां के वन विश्राम भवनों में हर वर्ष रात में ठहरने की सुविधा बंद होती है। अब बृहस्पतिवार से पर्यटन गतिविधियां शुरू होने से पहले ही सीटीआर के सभी एफआरएच माहभर के लिए बुक हो चुके हैं। इसके तहत सबसे पहले बृहस्पतिवार की सुबह रानीखेत एक्सप्रेस से जुड़ी कार्बेट पार्क लिंक एक्सप्रेस में सवार होकर प्रियंका गांधी सपरिवार रामनगर पहुंचीं। एसपीजी जवानों की सुरक्षा के बीच वह अपने पति राबर्ट बाढ्रा, पुत्र रिहान, पुत्री मारिया समेत कई सहयोगियों के साथ सीटीआर के खिनानौली वन परिसर में पहुंचीं। सीटीआर प्रशासन ने गोमती, पवनपरी नामक पालतू हथनियों को सफारी के लिए उपलब्ध कराया है। उन्होंने जिप्सी सफारी का भी लुत्फ उठाया। पिछले दौरों पर भी उन्हाेंने छह से अधिक बार स्वच्छंद विचरण करते बाघों को देखा था हालांकि किसी भी विभाग के अधिकारी ने उनके दौरे की पुष्टि नहीं की।
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सिर्फ दो परिसरों में मिली कैंटीन सुविधा
रामनगर। सीटीआर के गैरल, बिजरानी में फिलहाल कैंटीन की सुविधा सुलभ नहीं हो सकी है। ऐसे में वहां सिर्फ बाहरी कैंटीन, होटल, रिसोर्ट से पका पकाया भोजन ले जाने के साथ ही कच्चा राशन की उपलब्धता के आधार पर रूम अटेंडेंट के माध्यम से ही पर्यटकों को भोजन मिल सका। पार्क वार्डन सतीश चंद्र उपाध्याय ने बताया कि ढिकाला में बृहस्पतिवार से कुमाऊं मंडल विकास निगम की कैंटीन खुल गई है जबकि झिरना में 30 नवंबर तक कैंटीन संचालन की व्यवस्था सालभर से है। वहीं सीटीआर के निदेशक आरके मिश्रा ने बताया कि अब कैंटीन का संचालन कार्बेट टाइगर रिजर्व फाउंडेशन के माध्यम से कराने की योजना है। जल्द ही इसे मूर्तरूप दे दिया जाएगा।