नैनीताल। शिक्षण संस्थाओं का नाम बदले जाने के विरोध में भाजपा, भाजयुमो और अभाविप कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को नैनीताल पहुंचे मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को काले झंडे दिखाकर विरोध करने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस ने विरोध करने से पूर्व ही करीब चार दर्जन कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस लाइन में दो घंटे हिरासत में रखने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
सुबह करीब 11 बजे भाजपाइयों समेत भाजयुमो और अभाविप कार्यकर्ता मल्लीताल पंत पार्क में एकत्र हुए और धरने पर बैठ गए। इधर, पंत पार्क में सुबह से ही एसडीएम कोश्याकुटौली नारायण सिंह नबियाल एवं कोतवाल विजय चौधरी के नेतृत्व में पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल भी तैनात था। धरने के दौरान कुछ देर तक नारेबाजी करने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया पुलिस लाइन ले गई। उसके बाद करीब 11:45 बजे अचानक भाजयुमो जिलाध्यक्ष अरविंद पडियार, शिवसेना के प्रदेश महामंत्री भूपाल कार्की, भाजपा के जिलामंत्री विवेक साह, पूर्व नगर अध्यक्ष गोपाल रावत के अलावा नितिन कार्की, आनंद बिष्ट व कंचन कांडपाल पालिका प्रांगण की तरफ से काले झंडे दिखाकर नारेबाजी करते हुए स्टेट बैंक से मुख्य मार्ग को जा रहे थे कि पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में लेकर पुलिस लाइन पहुंचा दिया। दोपहर करीब दो बजे बाद उन्हें छोड़ दिया गया। गिरफ्तारी देने वालों में पूर्व विधायक खड़क सिंह बोरा, भाजपा जिलाध्यक्ष भुवन हर्बोला समेत विमला कार्की, दीप पंत, शाकिर अली, विक्रम रावत, रतन सिंह, रमा कांत, राजेंद्र कैड़ा, हेम आर्या, तुलसी कठायत, दया बिष्ट, नीतू जोशी, तुलसी कठायत, निखिल बिष्ट, पुनीट टंडन, प्रेम सागर, रीना मेहरा, भानु पंत, संतोष साह आदि कार्यकर्ता थे।
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पूर्व विधायक कोतवाल के वाहन में गए पुलिस लाइन
नैनीताल। पुलिस वाहन में जगह कम होने की वजह से पूर्व विधायक खड़क सिंह बोरा को गिरफ्तारी के बाद कोतवाल के वाहन से पुलिस लाइन ले जाया गया। वाहन में बैठने के बाद भी बोरा ने मुख्यमंत्री वापस जाओ के नारे लगा रहे थे।