फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

92 को पदक, 132 को पीएचडी और तीन को डी लिट की उपाधि दी

Sat, 22 Oct 2016 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो नैनीताल
विज्ञापन
convocation
विज्ञापन
कुमाऊं विश्वविद्यालय का 13वां दीक्षांत समारोह शुक्रवार को डीएसबी परिसर के एएन सिंह सभागार में धूमधाम के साथ मनाया गया। मुख्य अतिथि कुलाधिपति राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पाल ने वर्ष 2015-16 की मुख्य परीक्षा के 92 टॉपर्स को पदक, 132 को पीएचडी की उपाधि और तीन विभूतियों को डी-लिट की उपाधि प्रदान की।
विज्ञापन


इसके अलावा कुलाधिपति ने स्नातक, स्नातकोत्तर और विभिन्न पाठ्यक्रमों के 61 हजार 136 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान करने की घोषणा की। कुलाधिपति डॉ. पाल ने कहा विश्वविद्यालय अपने शैक्षणिक सत्र का समयानुसार पालन करने में सफल रहा, जो एक उपलब्धि है।

उन्होंने विवि के नैनो साइंस एवं नैनो टेक्नोलॉजी केंद्रों से अनुसंधान गतिविधियों में और अधिक सक्रियता लाने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि वैश्वीकरण के इस दौर में शैक्षणिक संस्थानों का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है, ऐसे में जरूरत अब राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित संस्थानों के साथ मिलकर काम की है।
विज्ञापन


उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि कुविवि ने पहले से ही अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ संयुक्त अनुसंधान और तकनीकी विकास के कार्यक्रमों की दिशा में काम शुरू कर दिया है। यह पहल सभी हितधारकों, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं छात्रों के लिए लाभकारी साबित होगी।

कुलाधिपति ने कुविवि के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने पर भी जोर दिया। कुलाधिपति ने कहा कि आज हमें यह प्रतिज्ञा लेनी होगी कि हम जीवन के हर एक दिन बौद्धिक, नैतिक, आध्यात्मिक रूप से अग्रसर होंगे।

इससे पहले कुलपति प्रो. एचएस धामी ने पुष्प गुच्छ देकर और स्कार्फ पहनाकर कुलाधिपति का स्वागत किया। कुलपति ने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पूर्व राष्ट्रपति स्व. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसे महान विद्वानों के सिद्धांतों और आदर्शों को जाने और उनके बताए मार्ग पर चलकर देश विकास में योगदान दें।

कुलपति प्रो. धामी ने पूर्व एवं वर्तमान में कुविवि के द्वारा किए जा रहे कार्यों, व्यवस्थाओं, उपलब्धियों और गतिविधियों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विवि ने पहली बार दो पेटेंट फाइल कर इतिहास रचा है। अंत में कुलसचिव प्रो. डीसी पांडे ने सभी का आभार जताया। संचालन प्रो. इंदु पाठक और प्रो. दिव्या जोशी उपाध्याय ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें