हल्द्वानी। गौलापार में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर में हाथियों का पुनर्वास केंद्र खोलने की योजना पर काम शुरू हो गया है। पहले चरण में इस खास पुनर्वास केंद्र में दस हाथियों को रखने की व्यवस्था होगी। इस केंद्र को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) के मानकों के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। वनाधिकारी डेढ़ महीने के अंदर पुनर्वास केंद्र से जुड़ा काम पूरा होने की उम्मीद जता रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर में वन्यजीवों से जुड़ी कई तरह की सुविधाओं को विकसित करने की कोशिश चल रही है। इसी के तहत हाथियों के लिए पुनर्वास केंद्र खोलने की योजना बनाई गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार यहां पर जंगल में बीमार, घायल या फिर विभागीय कार्रवाई में जब्त किए गए पालतू हाथियों को रखा जाएगा।
पहले चरण में दस हाथियों की रखने की होगी व्यवस्था, केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के मानकों के हिसाब हो रहा तैयार
45 दिन में निर्माण काम पूरा होने की उम्मीद, रामनगर के रिसोर्ट से जब्त किए हाथियों को रखा जाएगा
ये सुविधा होंगी
हल्द्वानी। पुनर्वास केंद्र में हाथियों के रहने के लिए शेड, चारे के अलावा इलाज के लिए दो पशु चिकित्सक भी होंगे। हाथियों के नहाने के लिए भी व्यवस्था की गई है। चिड़ियाघर निदेशक के अनुसार एक कृत्रिम झील को भी तैयार किया गया है जिसमें बरसात का पानी भर गया है। ऐसे में हाथी झील में नहाने का आनंद भी ले सकेंगे।
रामनगर में पकड़े गए हाथी रखे जाएंगे
हल्द्वानी। पश्चिमी वृत्त वन संरक्षक व चिड़ियाघर निदेशक डॉ. पराग मधुकर धकाते के अनुसार हाल में रामनगर के रिजॉर्ट से सात हाथियों को रामनगर वन प्रभाग की टीम ने जब्त किया था। इन हाथियों को इसी पुनर्वास केंद्र में रखा जाएगा। इसके अलावा अल्मोड़ा वन प्रभाग में भी एक हाथी है, उसे भी पुनर्वास केंद्र में लाया जाएगा। इन हाथियों के लिये महावत की व्यवस्था भी अलग से की जाएगी।