ज्योलीकोट (नैनीताल)। कुमाऊं की लाइफलाइन कहे जाने वाले ज्योलीकोट-कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग में वीरभट्टी बैली ब्रिज के कई नट टूट गए थे। एनएच के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को इन प्लेटों को कसने और रोकने वाले नट-बोल्ट बदल दिए। यह कार्य शुक्रवार को भी जारी रहेगा। इस कारण यातायात भी प्रभावित हो रहा है।
गैस वाहन में हुए विस्फोट से 25 सितंबर 17 को वीरभट्टी पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। करीब पांच माह बाद मार्ग पर यातायात शुरू हो पाया था। इसके बावजूद विभाग ने पुल की देखरेख को गंभीरता से नहीं लिया। इस कारण पुल की ऊपरी सतह की प्लेट ढीली हो गई थी। इन्हें रोकने वाले नट, बोल्ट टूट कर बिखर रहे थे। इससे दुर्घटना की आशंका थी जबकि वीरभट्टी बैली ब्रिज में यातायात नियंत्रण के लिए पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। स्थानीय पुलिस चौकी प्रभारी डीसी जोशी ने बताया कि इस संबंध में एनएच के अधिकारियों, इंजीनियरों को सूचना दी गई थी। इसलिए बृहस्पतिवार को एई केएस मेहता की देखरेख में कर्मचारियों ने टूटे नट, बोल्ट बदलने का कार्य शुरू कर दिया है, जो देर शाम तक चलता रहा। पहले दिन 24 से अधिक नट, बोल्ट बदले गए। इस दौरान एसआई दलीप कुमार, पुलिस कर्मी, जेई दीपशिखा आदि ने पुल पर दोनों ओर वाहनों को रोक-रोक कर छोड़ा।