हल्द्वानी। विनिवेश और डिजिटल वेंचर की आड़ में नैनीताल बैंक के लाइसेंस को पूँजीपतियों को बेंचने के खिलाफ लामबंद हुए नैनीताल बैंक के समस्त कर्मचारियों से कहा कि बैंक प्रंबधन आरबीआई को गलत सूचना दे रहा है।
रविवार को नैनीताल बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन की अगुवाई में एमबीपीजी कालेज के सभागार में बैठक की। एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रशेखर कन्याल ने बताया कि नैनीताल बैंक प्रबंधन एवं बैंक आफ बड़ौदा प्रबंधन नैनीताल बैंक को डिजीटल वेंचर की आड़ में किसी पूंजीपति को बैंक का लाइसेंस बेंचने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। इसके बावजूद प्रबंधन जून 2018 तक 30 प्रतिशत शेयर कम करने पर उतारू है। बैंक प्रबंधन आरबीआई और वित्त मंत्रालय को गलत सूचना देकर गुमराह करके नैनीताल बैंक में अपनी अंशधारिता बेंचने की अनुमति लेने में लगा है। एसोसिएशन के महामंत्री पीयूष पयाल ने कहा कि आरबीआई, वित्त मंत्रालय और प्रधान मंत्री कार्यालय में उक्त विवाद दर्ज कराया था मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद विवाद संसदीय समिति के समक्ष दर्ज कराया गया। सांसद भगत सिंह कोश्यारी की अध्यक्षता में एक 14 सदस्यीय संसदीय कार्यकारिणी समिति सोमवार को नैनीताल के दौरे पे आ रही है। समिति का मुख्य उद्देश्य अग्रणी बैंक नैनीताल बैंक को पूंजीपतियों के हाथों में जाने से रोकना और बैंक में डिजीटल वेंचर के नाम पर हो रही गड़बड़ियों का पर्दाफाश करना है।
आरबीआई, वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय में ले गए थे विवाद नहीं मिली राहत
कार्रवाई न करने पर संसदीय समिति के समक्ष रखा मामला