हल्द्वानी। प्रदेश के पैरी अर्बन क्षेत्र (शहर से सटे गांव) में विश्व बैंक की मदद से 970 करोड़ रुपये की 35 पेयजल योजनाएं बनाई जाएंगी। इनमें से कुमाऊं की 240 करोड़ की 13 पेयजल योजनाएं हैं। प्रथम चरण में कुमाऊं की दो पेयजल योजनाओं को मंजूरी मिल गई है। इनमें जल्द काम शुरू किया जाएगा।
प्रदेश के 35 पैरी अर्बन गांवों की पेयजल योजनाओं के प्रस्ताव विश्वबैंक को भेजे गए थे। इनमें से देहरादून की 10 योजनाओं का निर्माण जलसंस्थान करेगा, जबकि देहरादून की दो, हरिद्वार की 10 और कुमाऊं की 13 पेयजल योजनाएं जलनिगम बनाएगा। 25 योजनाओं के लिए जलनिगम को 640 करोड़ रुपये मिलेंगे।
कुमाऊं के नैनीताल जिले में तल्ली हल्द्वानी, बमौरी मल्ली बंदोबस्ती, गौजाजाली उत्तर, कुसुमखेड़ा, बिठौरिया नंबर एक, फतेहपुर, मुखानी, अल्मोड़ा में खत्याड़ी, ऊधमसिंह नगर में कचनाल गुसाई, नगला, बंडिया, महोलिया और उमरूखुर्द में 240 करोड़ की पेयजल योजनाएं बनाई जाएंगी। कुमाऊं मंडल में नैनीताल जिले की तल्ली हल्द्वानी और ऊधमसिंह नगर की बंडिया पेयजल योजना को मंजूरी मिल गई है। इन योजनाओं के बनने से काफी हद तक पेयजल संकट से निजात मिलने की संभावना है।
कुमाऊं मंडल की प्रस्तावित पेयजल योजनाओं के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। दो प्रस्तावों को तल्ली हल्द्वानी और बंडिया पेयजल योजना के लिए 20-20 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। एक माह के भीतर दोनों योजनाओं में काम शुरू करा दिया जाएगा।
- हिमांशु वर्मा, अधिशासी अभियंता, विश्वबैंक परियोजना जलनिगम