हल्द्वानी। इस बार बारिश नहीं होने से गौला का जलस्तर लगातार गिरता जा रहा है। मार्च मध्य में ही गौला के जलस्तर में पिछले वर्षों की अपेक्षा काफी गिरावट आ गई है। मंगलवार को गौला का जलस्तर गिरकर 79 क्यूसेक रह गया है। जलस्तर गिरने और नलकूपों के खराब होने से समूचे शहर और ग्रामीण इलाकों में पेयजल का संकट बढ़ता जा रहा है।
जलसंस्थान के अधिकारियों का कहना है कि गौला से शीशमहल स्थित ट्रीटमेंट प्लांट पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति तो हो रही है है लेकिन गौला नदी में दबाव कम होने से योजना के आखिरी छोर में बसे लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। शीतलाहाट, बागजाला, नकायल और कलशिया गधेरे के प्राकृतिक स्रोतों का जलस्तर भी एक हजार लीटर प्रति मिनट से गिरकर 400 लीटर प्रति मिनट तक गिर गया है। बागजाला, दमुवाढूंगा, गौलापार, फतेहपुर, कठघरिया, काठगोदाम आदि इलाकों में पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता संतोष कुमार उपाध्याय का कहना है कि गौला के गिरते जलस्तर को लेकर सभी प्रभावित इलाकों में टैंकरों से पेयजल आपूर्ति करने के निर्देश दिए गए हैं।