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शायद इस क्रिसमस कोई सांताक्लाज उम्मीदों की ख़ुशी लूटा जाए

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हल्द्वानी। क्रिसमस और नए साल में घूमने-फिरने का कार्यक्रम बना रहे हैं तो भीमताल ब्लाक के नाईसेला ग्राम सभा का बाना-मौना गांव आपका इंतजार कर रहा है। ईसाई बहुल इस गांव की खूबसूरती देखते ही बनती है। अंग्रेजों के जमाने की कैथोलिक चर्च ऐतिहासिक धरोहर है।
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हल्द्वानी से फतेहपुर होते हुए बाना गांव पहुंचा जाता है। इसके बाद अंग्रेजों की ओर से बनाए गए करीब दो किमी खड़ी चढ़ाई वाला खडंजा आपको मौना गांव ले जाता है। यहां पहुंचते ही शांति का अनुभव होता है। छोटे-छोटे सीढ़ीनुमा खेत और छितराए हुए घर बरबस ध्यान खींचते हैं। ऊंचाई पर स्थित कैथोलिक चर्च में बजता संगीत, प्रार्थना करते छोटे बच्चे, खेतों में चरते मवेशियों के गले में बंधी घंटियों का स्वर आध्यात्मिक दुनिया की ओर ले जाता है। बाना गांव में 18 और मौना गांव में और 17 परिवार रहते हैं। बच्चों की शिक्षा के लिए मौना गांव में एक प्राइमरी पाठशाला है। यहां से शिक्षा पूरी करने के बाद बच्चे या तो मिशनरी स्कूलों में दाखिला लेते हैं या बाहर चले जाते हैं।

काश कोई सांताक्लाज विकास का गिफ्ट लाता
गांव के लोग विकास न होने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि सड़क नहीं है। कोई बीमार हो जाए तो सड़क के अभाव में या तो डोली या फिर खच्चर का सहारा लेना पड़ता है। राशन का बंदोबस्त भी महीने भर का करना पड़ता है। जंगली जानवर खेती बाड़ी चौपट कर देते हैं। पेयजल लाइन टूटी हुई है। हालांकि मिशन की तरफ से व्यवस्था की गई है। सड़क मार्ग और भंडारण की सुविधा न होने के कारण सब्जी और आनाज का औने पौने दामों में ही सौदा करना पड़ता है। बाना के स्थानीय निवासी सुरेंद्र डेनियल कहते हैं कि कुछ नेताओं ने पक्षपात कर प्रस्तावित सड़क मार्ग का रुख बदल दिया। मौना गांव स्थित चर्च की देखभाल करने वाले जगत एंजलो ने कहा कि गांव में सुविधाएं नहीं है, सामूहिक प्रयासों से ही यहां के लोग अपने काम करते हैं। बाना गांव की हेता के अनुसार युवा पीढ़ी शिक्षा और रोजगार की तलाश में बाहर जा रही है। ऐसा ही रहा तो गांव खाली हो जाएगा।
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ऐसा है चर्च
चर्च का नाम सेंट माइकल चर्च है। इसे 1935-36 में एटयू डिवो कोरनाडो ने बनवाया था। चर्च में तीन कमरे भी हैं। इसमें फादर सहित अन्य लोगों की रहने की सुविधा है। हर वर्ष क्रिसमस पर बसानी गांव के हिंदू परिवार भी यहां आते हैं। इस समय चर्च के फादर उदय कुमार डी सूजा हैं। रखरखाव की जिम्मेदारी जगत एंजलो की है।
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