नैनीताल। उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी के मुताबिक कर्मियों के तबादले अगर नीति के खिलाफ और पक्षपातपूर्ण हों तो पुख्ता साक्ष्य देकर याचिका में ही राहत मिल सकती है।
बार सभागार में आयोजित व्याख्यान में न्यायमूर्ति ने अधिवक्ताओं को सेवा संबंधित याचिकाओं को संबंधित कानून के दायरे में तैयार करने का सुझाव दिया। अधिवक्ताओं को आलेखन की भी जानकारी दी। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सैयद नदीम मून, सचिव संदीप तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता डीके शर्मा, महेंद्र पाल, एमसी कांडपाल समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद थे।