भूस्खलन और आपदा के लिहाज से नैनीताल जिला बेहद संवेदनशील है। बरसात शुरू होते ही यहां कई जगह पहाड़ियां दरकने लगती हैं या फिर बोल्डर गिरने लगते हैं। इन घटनाओं में कभी किसी को जान गंवानी पड़ती है तो किसी को चोटिल होना पड़ता है। जिला प्रशासन ने जिले में 89 क्षेत्रों और पांच सड़कों को भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील घोषित किया है। इनमें प्रमुख सड़कों से लेकर गांव और उनके तोक भी शामिल हैं। जिला प्रशासन का दावा है कि ऐसे सभी स्थानों पर आपदा प्रबंधन के इंतजाम किए गए हैं।
यह हैं भूस्खलन प्रभावित व संवेदनशील स्थान
नैनीताल तहसील-
कैंची धाम तहसील-
ठेकला, जसियाधूना, मलियालगांव, जाख, भौर्या बैंड, लोहाली, चमड़िया, पनियाली गधेरा, जोग्याड़ी, चौड़ा, छड़ा, खैरना, हरिनगर, हरतोला, थुवा ब्लाक, धारी, उलगौर
धारी तहसील-
तहसील खनस्यूं-
खनस्यू, डालकन्या, झड़गांव, चमोली, गलनी, पतलोट व ढोलीगांव।
नैनीताल नगर का क्षेत्र-
बलियानाला, चार्टन लॉज, डीएसबी परिसर के पास की पहाड़ी, टिफिन टॉप, डोरोथी सीट, नैनापीक, ठंडी सड़क में डीएसबी कैंपस छात्रावास, भोटिया बाजार के ऊपर का क्षेत्र, भवाली रोड स्थित टूटा पहाड़
इन सड़कों पर भी है भूस्खलन का खतरा
-हैड़ाखान-सिमलियाबैंड-साननी मोटर मार्ग, खन्स्यू ओखलकांडा मोटर मार्ग
-काठगोदाम-नैनीताल रोड में त्रिमूर्ति से हनुमानगढ़ के बीच, हनुमान मंदिर के पास, बेलुवाखान, दोगांव, डान बास्को स्कूल के पास व गुलाबघाटी।
-रानीबाग-भीमताल रोड में सलड़ी, बोहराकून, अमृतपुर व बानना क्षेत्र
-हल्द्वानी-अल्मोड़ा रोड में कैंची धाम से पाडली के मध्य, रातीघाट, बारगल का तोक, फ्राग प्वाइंट पर पाडली पुल, गरमपानी, खैरना, छड़ा, लोहाली, जौरासी, नावली, काकड़ीघाट, सुयालबाड़ी व क्वारब।
-नैनीताल कालाढूंगी रोड-बारापत्थर से चारखेत के मध्य, बजून क्षेत्र, शिव मंदिर प्रिया बैंड।
-काठगोादाम-दमुवाढूंगा क्षेत्र-रकसिया नाला, कलसिया नाला, देवखड़ी नाले से लगा क्षेत्र
भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों पर प्रशासन की नजर है। वहां रह रहे लोगों को समय-समय पर अलर्ट किया जाता रहता है। जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित क्षेत्रों में भी भेजा जाता है। गांव से लेकर जिले तक आपदा प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जो सड़कें संवेदनशील हैं वहां जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं। -शैलेंद्र सिंह नेगी, अपर जिलाधिकारी नैनीताल