रामनगर (नैनीताल)। हेमा हथिनी के अपने मालिक के पास वापस पहुंचने का रास्ता भी बन गया है। हथिनी के स्वामी का दावा है कि अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने वन विभाग को आदेश दिया है कि 25 लाख रुपये के मुचलके पर हथिनी को उसके मालिक को सौंप दिया जाए। इधर, रामनगर वन प्रभाग का कहना है कि कोर्ट के आदेश मिलने पर ही अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
हाईकोर्ट ने विभिन्न रिजॉर्टों में रखी गई आठ हथिनियों को तीन अगस्त 2018 को रामनगर वन प्रभाग को अधिग्रहीत करने के निर्देश दिए थे। इस पर रामनगर वन प्रभाग ने नौ अगस्त को हथिनियों को आम डंडा डिपो में रखा। इसके बाद हथिनी मालिकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को स्थगित करते हुए रामनगर न्यायालय में सुनवाई करने के निर्देश दिए थे। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गीता चौहान की कोर्ट ने हथिनी के मालिक तौफीक अहमद की याचिका पर सुनवाई की और तीन अप्रैल को फैसला सुनाते हुए हथिनी को 25 लाख रुपये के मुचलके पर उसके मालिक के सुपुर्द करने के निर्देश दिए। रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ भूपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अभी कोर्ट का आदेश नहीं आया है। आदेश आने के बाद अभिलेखों की जांच कर प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव से आदेश प्राप्त होने पर कार्रवाई की जाएगी।
‘हेमा’ हथिनी को उसके मालिक को सौंपने के निर्देश