नैनीताल। हाईकोर्ट ने आईएफएस संजीव चतुर्वेदी के मामले में पूर्व में पारित कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं करने पर केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण के चेयरमैन को अवमानना नोटिस जारी किया है। यह पहला मामला बताया जा रहा है जब कैट चेयरमैन को अवमानना का नोटिस जारी हुआ है। कैट के चेयरमैन पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रह चुके हैं। अगली सुनवाई 20 मार्च को होगी।
न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकल पीठ ने कैट चेयरमैन को सामान्य और दस्ती नोटिस जारी करने का आदेश दिया और कहा कि क्योें न चेयरमैन के खिलाफ जानबूझ कर हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने पर कोर्ट की अवमानना की कार्यवाही अमल में लाई जाए। कोर्ट ने नोटिस का चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
आईएफएस संजीव चतुर्वेदी का यह मामला 2015-16 में उनके एम्स दिल्ली में मुख्य सतर्कता अधिकारी रहने के दौरान का है। अपनी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में शून्य अंक दिए जाने के मामले को संजीव ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण में चुनौती दी थी। इस मामले की सुनवाई अधिकरण की नैनीताल बैंच कर रही थी। अधिकरण के चेयरमैन ने इस कार्यवाही पर रोक लगाते हुए मामले को दिल्ली स्थित मुख्य बैंच को हस्तांतरित करने का आदेश दिया था। इसी आदेश को संजीव ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और चेयरमैन के आदेश को निरस्त किया था। केंद्र सरकार इसके बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंची तो सुप्रीम कोर्ट ने भी संजीव के पक्ष को सही मानते हुए केंद्र सरकार पर अतिरिक्त 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण के चेयरमैन की न्यायिक शक्तियां अन्य न्यायाधीशों से अधिक हैं, लेकिन न्यायिक शक्तियां अन्य न्यायाधीशों के समान हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी हाईकोर्ट का आदेश का पालन न किए जाने पर संजीव नेे उत्तराखंड हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की। कैट की दिल्ली स्थित मुख्य बैंच ने संजीव के अधिवक्ता के खिलाफ अवमानना नोटिस भी जारी किया था।
आईएफएस संजीव चतुर्वेदी के मामले में कैट के चेयरमैन को अवमानना नोटिस
सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट ने भी लगाया था केंद्र पर अलग-अलग 25 हजार का जुर्माना
न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकल पीठ ने की सुनवाई
संजीव के एम्स में सीवीओ रहने के दौरान एसीआर में शून्य प्रविष्टि देने का है मामला