हल्द्वानी। कथाकार और पत्रकार स्व. आनंद बल्लभ उप्रेती की छठी पुण्यतिथि पर हिमालय संगीत शोध समिति की ओर से दो दिनी राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई, इसमें जाने-माने कथाकारों, भाषाविदें ने हिमालयी लोक परंपरा विषय पर विचार साझा किए।
संगोष्ठी का शुभारंभ दुर्गा सिंह बोथियाल ने किया। कथाकार स्व. आनंद बल्लभ उप्रेती की कृतियां राजजात के बहाने (तृतीय संस्करण), आदमी की बू (द्वितीय संस्करण) और डॉ.गीता पंत की कृति अनुभूतियां का विमोचन हुआ। मुख्य अतिथि दानवीर जसुली बूढ़ी शौक्याणी के वंशज फली सिंह दत्ताल ने ग्राम दांतू व उनके वंशजों का परिचय करवाया। डॉ. प्रयाग जोशी, तारा चंद्र त्रिपाठी, प्रो. बीएस बिष्ट, बारपरिया समाज के मुखिया दुर्गा सिंह बोथियाल ने विचार रखे। कार्यक्रम संयोजक डॉ. पंकज उप्रेती ने सभी का आभार जताया। इस मौके पर पूर्व उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. बीसी मेलकानी, डॉ. शेर सिंह बिष्ट, डॉ. संतोष मिश्रा, राम सिंह सोनाल, एडवोकेट राजेंद्र सिंह कुरियाल, राम सिंह सोनाल, गिरीश उप्रेती आदि थे। संचालन विपिन चंद्र पांडे ने किया।
हिमालयी लोक परंपरा पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ
राजजात के बहाने, आदमी की बू और अनुभूतियां कृतियों का विमोचन
इन्हें मिला सम्मान
पत्रकारिता के क्षेत्र में कैलाश पाठक, दीप भट्ट, गणेश जोशी, भगवान सिंह गंगोला, शिक्षाविद पूर्व उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. बीसी मेलकानी, डॉ. एसडी तिवारी, दानवीर जसुली बूढ़ी शौक्याणी के वंशज फली सिंह दत्ताल, प्रसिद्ध इतिहासकार एवं पर्यावरणविद प्रो. अजय रावत, प्रो. रितेश साह।