हल्द्वानी। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने मेडिकल कॉलेज के रेडियोलाजी विभाग के पीजी कोर्स की मान्यता को रद्द कर दिया है। एमसीआई के इस फैसले के बाद अब अगले सत्र से रेडियोलाजी विभाग में पीजी कोर्स नहीं हो सकेगा।
मेडिकल कॉलेज के रेडियोलाजी विभाग में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर का एक-एक, असिस्टेंट प्रोफेसर के दो और सीनियर रेजीटेंड के पांच पद स्वीकृत हैं जबकि पीजी की मान्यता के लिए एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के दो दो पद स्वीकृत होने चाहिए। वर्तमान में रेडियोलाजी विभाग में एकमात्र एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में पंकज महेश की तैनाती है लेकिन वह भी अनुबंध पर रखे गए गए हैं। वह भी केवल दो घंटे के लिए ही सेवाएं देते हैं।
सूत्र बताते हैं कि कुछ समय पहले एमसीआई की टीम ने मेडिकल कॉलेज का दौरा कर रेडियोलाजी विभाग की आधारभूत सुविधाएं जांची थी। उसके बाद एमसीआई ने कुछ आपत्तियां लगाते हुए उन्हें निस्तारित करते हुए जरूरी संसाधान जुटाने को कहा था। लेकिन मेडिकल कालेज प्रबंधन ऐसा नहीं कर सका। जिसके चलते एमसीआई ने रेडियोलाजी विभाग में संचालित पीजी कोर्स की मान्यता को रद्द कर दिया। एमसीआई के इस फैसले के बाद अब यहां पीजी की पढ़ाई नहीं हो सकेगी। सूत्र बताते हैं कि यदि रेडियोलाजी विभाग में फैकल्टी पूरी भी कर ली गई तो उसके बाद भी मेडिकल कॉलेज प्रशासन को पीजी कोर्स कराने के लिए एमसीआई से नए सिरे से मान्यता लेनी होगी।
रेडियोलाजी विभाग में पीजी कोर्स की मान्यता रद्द
मेडिकल कॉलेज : आधारभूत संसाधनों के अभाव में एमसीआई का फैसला
मान्यता रद्द फिर भी खरीदी जा रही है लाखों की मशीन
हल्द्वानी। मान्यता को रद्द होने के बावजूद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन लाखों रुपये की सीटी स्कैन मशीन की खरीद करने की तैयारी कर रहा है। सूत्र बताते हैं कि पहले लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य की मशीन की खरीद करने की योजना थी लेकिन बाद में इसे बदलकर चालीस लाख कर दिया गया। अब फिर से लगभग 80 लाख रुपये मूल्य की सीटी स्कैन मशीन खरीदने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
एमसीआई ने रेडियोलाजी विभाग की मान्यता को खत्म नहीं किया है बल्कि यह कहा है कि वर्तमान में जो पीजी कोर्स कर रहे हैं उनकी डिग्री वैध होगी। एमसीआई ने कहा है कि अगले साल पीजी कोर्स में प्रवेश करने से पहले रेडियोलाजी विभाग में पर्याप्त फैकल्टी और आधारभूत संसाधन जुटाते हुए पीजी कोर्स के लिए नए सिरे से मान्यता लेने को भी एमसीआई ने कहा है। सीटी स्कैन मशीन खरीदने का प्रस्ताव तो है लेकिन अभी उसके लिए बजट नहीं है। जितना बजट मिलेगा उसी के अनुरूप सीटी स्कैन मशीन खरीदी जाएगी।
-डॉ. सीपी भैसोड़ा प्राचार्य मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी