हल्द्वानी। वित्त और गन्ना मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि गन्ना किसानों के बकाया भुगतान जल्द हो सके, इसके लिए राज्य सरकार ने चीनी मिलों को 98 करोड़ रुपये का अनुदान देने की मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने गन्ना समर्थन मूल्य तय कर दिया। दो दिन में गन्ना समर्थन मूल्य घोषित कर दिए जाएंगे। बंद पड़ी सितारगंज और गदरपुर चीनी मिलों को पीपीपी मोड में चलाने की तैयारी की जा रही है।
शनिवार को शैमफोर्ड स्कूल के वार्षिकोत्सव में पहुंचे वित्तमंत्री पंत ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि गन्ना किसानों की सबसे बड़ी समस्या उनके बकाया भुगतान को लेकर थी, जिसे सरकार ने सबसे पहले हल किया है। अनुपूरक बजट में सरकारी चारों चीनी मिलों को गन्ना किसानों का बकाया भुगतान के लिए 98 करोड़ देने की स्वीकृति की गई ताकि किसानों को बकाया भुगतान जल्द मिल सके। इससे पूर्व दस करोड़ अनुदान दिया जा चुका है।
उन्होंने आरोप लगाया कि हरीश रावत सरकार ने सरकारी चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जिसके परिणाम स्वरूप मिलों के पास कर्मचारियों को वेतन देने तक को पैसा नहीं था। चीनी मिलों को इस संकट से उबारने के लिए भाजपा सरकार ने चीनी मिलों को 32 करोड़ का अनुदान दिया। कांग्रेस सरकार के समय गन्ना किसानों के बकाया भुगतान के लिए चीनी मिलों को अनुदान नहीं बल्कि 52 करोड़ रुपये बतौर ऋण दिया गया था जिसका एक-एक चीनी मिल को दो करोड़ रुपये ब्याज देना पड़ रहा था मगर हमने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के मुकाबले प्रदेश में चीनी का उत्पादन 15 से 20 फीसदी बढ़ा है।
पंत ने कहा कि गदरपुर और सितारगंज चीनी मिलें बंद होने से इस क्षेत्र के किसानों को परेशानी हो रही है, इस बारे में सरकार इन दोनों बंद पड़ी चीनी मिलों को पीपीपी मोड में चलाने की दिशा में काम कर रही है। अगले सत्र में ये दोनों चीनी मिलें शुरू होने की उम्मीद है।
गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को चीनी मिलों के लिए 98 करोड़ मंजूर : वित्तमंत्री
दो दिन घोषित कर दिया जाएगा गन्ना समर्थन मूल्य
सितारगंज और गदरपुर चीनी मिलें पीपीपी मोड में चलाने की तैयारी