हल्द्वानी। एक बार फिर गौला नदी में स्टेडियम से सटी वन भूमि पर उपखनिज निकासी गेट बनाने की योजना है। यह गेट हाइवे निर्माण कंपनी सद्भाव के लिए बनाया जाएगा। इस गेट के लिए सिर्फ उद्योग विभाग की मंजूरी बाकी रह गई है।
रामपुर से काठगोदाम तक चौड़ा हाइवे बना रही कंपनी सद्भाव के लिए नौ लाख घनमीटर उपखनिज की जरूरत है। इस बाबत शासन ने वन विकास निगम को अलग से गेट बनाकर आरबीएम देने के निर्देश दिए। गौला नदी में शीशमहल से शांतिपुरी तक 11 गेट हैं। इसके बाद वन निगम ने गौला पार स्टेडियम के पास उप खनिज निकासी गेट बनाने का फैसला किया है। इस गेट के लिए सद्भाव कंपनी को इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा लगाना होगा। वन निगम का कहना है कि सिर्फ एक सत्र के लिए उपखनिज निकासी होनी है, इसलिए वन निगम इसका खर्च वहन नहीं करेगा। इस गेट की लगभग सभी औपचारिकताएं पूरी हैं। आरएम एमपीएस रावत ने बताया कि स्टेडियम के पास ही गेट बनाया जाएगा, इस बाबत उद्योग विभाग की मंजूरी का इंतजार है। मंजूरी मिलते ही उपखनिज निकासी गेट शुरू कर दिया जाएगा।
सद्भाव कंपनी के लिए गौला पार स्टेडियम के पास बनेगा गेट
उद्योग विभाग की मंजूरी का इंतजार, नौ लाख घनमीटर उपखनिज की निकासी होगी
सद्भाव को गेट देने का विरोध
हल्द्वानी। गौला खनन मजदूर संघर्ष समिति ने सद्भावना कंपनी को गेट देने का विरोध किया है। समिति का कहना है कि इस साल बारिश कम होने से नदी में उपखनिज कम आया है। नदी में 7,450 वाहन पंजीकृत हैं। अब अगर नौ लाख घनमीटर माल एक कंपनी को दे दिया जाता है तो इसका असर बाकी वाहनों पर पड़ सकता है। तीन साल पूर्व स्टेडियम के पास से भी एक हाईवे बनाने वाली कंपनी को उपखनिज निकासी गेट बनाया था। यहां से वाहनों से आरबीएम निकासी हो रही थी लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के बाद यह गेट बंद करना पड़ा था। खनन कारोबारियों ने डीएलएम हल्द्वानी केएस रावत को ज्ञापन सौंपा है। इस दौरान आरएस बिष्ट, दिनेश फुलारा, राजेंद्र चौधरी, रोहित साह, पंकज, योगेंद्र सिंह, अजय आदि थे।