हल्द्वानी। ट्रंचिंग ग्राउंड में जैव चिकित्सकीय कचरा मिलने पर नगर आयुक्त ने चार अस्पतालों में कार्रवाई की है। एक अस्पताल से 10 हजार रुपये वसूले गए हैं। तीन अस्पतालों को नोटिस भेजा गया है। हालांकि एक अस्पताल ने नोटिस लेने से मना कर दिया है।
बुधवार को ट्रंचिंग ग्राउंड में नगर निगम की टीम और इंदिरा नगर जन विकास समिति के पदाधिकारियों ने एक गाड़ी पकड़ी थी। इसमें जैव चिकित्सकीय कचरा पकड़ा था। इसमें दो अस्पतालों के पर्चे मिले थे। साथ ही निगम के चालक ने बताया था कि उसने ये कूड़ा कृष्णा अस्पताल, चंदन डाइग्नोजिस्ट, बांबे अस्पताल और बृजलाल से जैव चिकित्सकीय कचरा उठाया था। इस पर नगर निगम की ओर से चारों अस्पतालों को नोटिस भेजा गया था। साथ ही इन पर 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया था। नगर आयुक्त चंद्र सिंह मर्तोलिया ने बताया कि कृष्णा अस्पताल ने 10 हजार रुपया जमा करा दिया है। बृजलाल अस्पताल ने नोटिस रिसीव नहीं किया है।
कूड़ा उठाने से पहले विवेकानंद
अस्पताल के कचरे की जांच
हल्द्वानी। अस्पतालों के सामान्य कचरे में जैव चिकित्सकीय कचरा मिलने पर बृहस्पतिवार को सफाई निरीक्षक अमोल असवाल ने अस्पतालों के सामान्य कचरों की जांच की। अमोल असवाल ने बताया कि विवेकानंद अस्पताल के सामान्य कचरे की जांच करने में इसमें जैव चिकित्सकीय कचरा पाया गया। इस मामले में विवेकानंद अस्पताल से दस हजार का जुर्माना लगाया है।
अस्पतालों ने नहीं बदला अपना
रवैया तो निगम नहीं उठाएगा कूड़ा
हल्द्वानी। नगर आयुक्त चंद्र सिंह मर्तोलिया ने कहा कि शुक्रवार से अस्पतालों के सामान्य कचरे की जांच करने के लिए एक कर्मचारी को लगाया गया है। वह अस्पताल की ओर से कूड़ा दिए जाने पर इसकी जांच करेगा। जिस अस्पताल के सामान्य कचरे में जैव चिकित्सकीय कचरा पाया गया तो निगम उसका कचरा नहीं उठाएगा।
हमारे अस्पताल में नीले कलर के दस्ताने प्रयोग में नहीं लाए जाते हैं। हमारे वहां निगम को कचरा देने से पहले पूरा चेक कराया जाता है। इसकी रिकार्डिंग भी मेरे पास है।
-जेएस खुरान एमडी कृष्णा अस्पताल
हमारे अस्पताल में नीले कलर के दस्ताने प्रयोग में नहीं लाए जाते हैं। निगम की ओर से सभी अस्पतालों को नोटिस भेजा गया है।
-शैलेंद्र मिश्रा एमडी बांबे अस्पताल
अस्पताल चेक कराकर दें कूड़ा
हल्द्वानी। बायो मेडिकल वेस्ट को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की बैठक बुलाई गई। बैठक में आईएमए हल्द्वानी के अध्यक्ष डॉ. मोहन तिवारी ने कहा कि सभी अस्पताल नगर निगम की गाड़ी में कूड़ा डालने से पहले बैग खोलकर कूड़ा चेक करा दें। पर्चा या जांच रिपोर्ट अस्पताल प्रबंधन नहीं फेंकेगा। अस्पताल में आने वाले लोग डस्टबिन में रिपोर्ट और पर्चे फेंक जाते हैं। साथ ही घरों से भी लोग जांच रिपोर्ट और पर्चे फेंकते हैं। डॉ. तिवारी ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन से कहा गया है कि कूड़े की वीडियोग्राफी कराई जाए। कूड़ा देने के बाद नगर निगम कर्मी से हस्ताक्षर रजिस्टर पर करवा लें साथ ही अस्पताल का सुपरवाइजर भी हस्ताक्षर करें। बैठक में डॉ. जेएस खुराना, डॉ. पुनीत अग्रवाल, डॉ. आरए केड़िया, डॉ. डीसी पंत, डॉ. मयंक पांगती, डॉ. अनिल अग्रवाल आदि थे।
झोलाछाप पर क्यों नहीं पड़ रही है नजर
हल्द्वानी। बायो मेडिकल वेस्ट को लेकर नगर निगम और प्रशासन के अधिकारियों की नजर झोलाछाप पर क्यों नहीं पड़ रही है। हल्द्वानी से लेकर लालकुआं तक झोलाछाप का गोरखधंधा धड़ल्ले से चल रहा है। सवाल यह उठता है कि झोलाछाप के यहां से निकलने वाला बायो मेडिकल वेस्ट कहां जाता है। बायो मेडिकल वेस्ट का मुद्दा भी उठता रहा है। बावजूद इसके प्रशासन और नगर निगम की ओर से झोलाछाप को चयनित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि नीले रंग के दस्ताने किस अस्पताल में प्रयोग हो रहे हैं।