नैनीताल। हाईकोर्ट ने रामनगर (नैनीताल) के गोमती पूरन प्रसाद आर्य कन्या इंटर कालेज में विभिन्न पदों के लिए हुई भर्ती में घपले की आशंका पर सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट चार माह के भीतर कोर्ट में पेश करने के लिए कहा गया है।
न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की अदालत में रामनगर निवासी अंजू अग्रवाल की याचिका पर हुई सुनवाई में बुधवार को कोर्ट में मुख्य शिक्षा अधिकारी कमलेश कुमार, प्रबंधक शरद जिंदल, प्रधानाचार्य हरी प्रिया सती, खंड शिक्षा अधिकारी कोटाबाग भास्करानंद पांडे पेश हुए। याची का कहना था कि मैनेजर और मुख्य शिक्षा अधिकारी की मिलीभगत से नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली हुई है।
कोर्ट ने पिछली तिथियों में हुई सुनवाई में मूल अप्वाइंटमेंट फाइल का अवलोकन करने के बाद पाया कि एक अभ्यर्थी नेहा शर्मा को दिए गए अंकों से छेड़छाड़ की गई है। इसमें ओवर राइटिंग की गई थी। कोर्ट ने यह भी पूछा कि टंकण परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को अलग-अलग पत्र क्यों दिए गए। इस तरह से टाइपिंग टेस्ट में स्पीड का अंदाजा कैसे लग सकता है। नौ मई को हुई सुनवाई में कोर्ट ने पाया कि तथ्यों से छेड़छाड़ हुई है। इसके बाद कोर्ट ने संदेह के आधार पर सीबीआई से जांच के आदेश दिए हैं। सीबीआई को चार माह के भीतर जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने को कहा।
क्या था मामला
रामनगर निवासी अंजू अग्रवाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि रामनगर स्थित गोमती पूरन प्रताप आर्य कन्या इंटर कालेज के लिए नौ पदों के लिए 23 मई 2014 को विज्ञापन जारी किया गया था। पांच सितंबर 2016 को चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे दी गई। याची ने सहायक लिपिक पद के लिए आवेदन किया था। विज्ञप्ति के शर्तों के अनुसार लिपिक पद के लिए मान्यता प्राप्त संस्था से कंप्यूटर टाइपिंग का प्रमाण पत्र होना आवश्यक था। चयनित अभ्यर्थी नेहा शर्मा के पास कंप्यूटर टाइपिंग का प्रमाण पत्र नहीं था। याचिकाकर्ता ने उसकी नियुक्ति को हाईकोर्ट में चुनौती दी।