हल्द्वानी। श्री कालू सिद्ध मंदिर धर्मार्थ समिति से जुड़े साधु संतों ने बुधवार को डीएम विनोद कुमार सुमन से भेंट कर स्थानीय प्रशासन, नगर निगम पर अतिक्रमण हटाने के बजाय मंदिर की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। साधु संतों ने डीएम से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो मंदिर परिसर से जुड़े सभी साधु संत अन्न, जल का त्याग कर देंगे।
समिति की ओर से डीएम को दिए ज्ञापन में कहा गया कि मंदिर परिसर के दक्षिण की ओर नगर पालिका प्रशासन की मिलीभगत से अवैध रूप से मंदिर की दीवार से नाले के ऊपर अतिक्रमण किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब साधु संतों ने इसका विरोध किया तो पालिका ने अतिक्रमण को प्रोत्साहन देकर अतिक्रमणकारी को किरायानामा दे दिया जो कि पूरी तरह से अनुचित है। समिति का आरोप है कि वर्तमान में भी प्रशासन और नगर निगम अतिक्रमणकारियों का पक्ष लेकर मंदिर की संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने डीएम से इस पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। डीएम से मिलने वालों में महंत मूलक गिरी, महंत विजय गिरी, महंत त्रिवेणी गिरी, नागा बाबा शंभू गिरी, सोमवारी गिरी, महंत धनराज गिरी, कोतवाल दीपक पुरी, महंत माधो गिरी, महंत भानू गिरी, महंत मंगल गिरी, नागा बाबा बब्बर गिरी आदि थे।
एडीएम हरबीर करेंगे मामले की जांच
हल्द्वानी। नगर मजिस्ट्रेट पंकज कुमार उपाध्याय का कहना है कि कालू सिद्ध मंदिर में प्रवेश और निकासी के लिए एक ही दरवाजा था, जिससे भक्तों की भीड़ होने पर मुख्य सड़क पर यातायात प्रभावित होता था। इसे देखते हुए ही मंदिर में प्रवेश और निकास द्वार की व्यवस्था की गई। उन्होंने साधु समाज के अतिक्रमण को बढ़ावा देने के आरोप को गलत बताते हुए कहा कि डीएम विनोद कुमार सुमन ने इस प्रकरण में एडीएम हरबीर सिंह को जांच अधिकारी नामित किया है। शुक्रवार को एडीएम सिंह यहां दोनों पक्षों के साथ बैठक कर मामले की जांच करेंगे।