हल्द्वानी। इस बार बारिश नहीं होने से गौला का जलस्तर लगातार गिरता जा रहा है। सोमवार को गौला का जलस्तर पांच साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। पिछले पांच वर्षों में गौला के जलस्तर में इतनी अधिक गिरावट कभी दर्ज नहीं की गई। अब भी समय पर बारिश नहीं हुई तो इस बार गर्मियों में पेयजल के लिए हाहाकार मच सकता है। गौला के गिरते जलस्तर को देखते हुए अधिकारियों का मानना है कि सिंचाई के लिए भी पानी की आपूर्ति करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। सोमवार को गौला का जलस्तर आज के दिन सबसे नीचे 100 क्यूसेक दर्ज किया गया।
सिंचाई विभाग के गौला बैराज प्रभारी अवर अभियंता केएस बिष्ट ने बताया कि गौला का जलस्तर लगातार गिर रहा है। पिछले पांच वर्ष पहले आज के दिन गौला का जलस्तर जहां 465 क्यूसेक रिकार्ड किया गया था वहीं इस साल आज के दिन यह 100 क्यूसेक रहा। इससे पहले के वर्षों में भी यह सबसे कम स्तर आंका गया है। उन्होंने बताया कि गौला के गिरते जलस्तर की वजह से तराई के तमाम इलाकों में सिंचाई का पानी देने के लिए अभी से रोस्टर लागू किया गया है। रोस्टर के हिसाब से पानी देने पर किसी एक इलाके में चौथे दिन सिंचाई का पानी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि समय पर बारिश नहीं हुई तो इस बार सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मुहैया करना काफी चुनौती भरा हो सकता है।
पांच सालों में इतनी अधिक गिरावट कभी दर्ज नहीं हुई
गर्मियों में पेयजल के लिए मच सकता है हाहाकार
पिछले पांच वर्षों में 19 फरवरी को गौला का जलस्तर
वर्ष जलस्तर
19 फवरी 2013 465 क्यूसेक
19 फवरी 2014 280 क्यूसेक
19 फवरी 2015 142 क्यूसेक
19 फवरी 2016 115 क्यूसेक
19 फवरी 2017 118 क्यूसेक
19 फवरी 2018 100 क्यूसेक