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मैदान नया लेकिन दांव पेच पुराने

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हल्द्वानी। वार्ड नंबर 16 है बाजार क्षेत्र। निकाय चुनाव में यहां इस बार भी भाजपा में टिकट को लेकर घमासान के आसार दिख रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक दो-दो नेता अपना-अपना दावा कर रहे हैं। हालांकि पार्टी ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं लेकिन पिछले दो चुनावों को देखते हुए यह तय माना जा रहा है कि इस बार भी यहां भाजपा को टिकट की घोषणा में मशक्कत करनी पड़ेगी।
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यह वार्ड पहले रेलवे बाजार किदवई नगर के नाम से था। 2013 में नगर निकाय चुनाव में भाजपा के सिंबल के लिए हितेश पांडे और तन्मय रावत ने दावेदारी पेश की थी। टिकट बंटवारे में विधायक बंशीधर भगत गुट की चली और हितेश पांडे को सिंबल दिया गया लेकिन वह कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी से हार गए। कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी की मौत के बाद 2014 में यहां उपचुनाव हुआ। हितेश पांडे और तन्मय रावत ने फिर से दावेदारी पेश कर पार्टी नेताओं को मुश्किल में डाल दिया था। बंशीधर गुट ने हितेश पांडे जबकि गजराज गुट ने तन्मय का समर्थन किया। इस बार दोनों गुट अड़ गए और आखिरकार किसी को भी भाजपा का सिंबल नहीं दिया गया। दोनों से कहा गया कि निर्दलीय लड़े, जो जीतेगा, उसे भाजपा का पार्षद माना जाएगा। तन्मय को हार का मुंह देखना पड़ा था। बाजी हितेश पांडे मार ले गए। इस बार हितेश फिर दावेदारी की बात कर रहे हैं। तन्मय संगठन के फैसला मानने की बात कह रहे हैं लेकिन अंदरखाने चर्चा है कि दोनों दावेदारी के मूड में हैं।

निकाय चुनाव 2013 में भाजपा से पार्षद के लिए दावेदारी की थी। उस समय भाजपा ने हितेश पांडे को टिकट दिया था। हमने उन्हें चुनाव लड़ाया। 2014 में हुए उपचुनाव में दोबारा उन्होंने दावेदारी की लेकिन पार्टी ने किसी को भी टिकट नहीं दिया। भाजपा संगठन जिसे टिकट देगा उसे चुनाव लड़ा जाएगा। - तन्मय रावत
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मैं इस बार वार्ड से भाजपा की टिकट से दावेदारी कर रहा हूं। अपने वार्ड में कई कार्यक्रम कराए हें। नए सीवर लाइन का प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही सीवर लाइन की समस्या से निजात मिल जाएगी। - हितेश पांडे पार्षद

सीवर की समस्या से लोग परेशान
हल्द्वानी। बाजार क्षेत्र और रेलवे किदवई नगर का भाग मिला कर एक वार्ड बना दिया गया है। अब नए वार्ड में दो पार्षद हो गए हैं। इसमें एक पार्षद कांग्रेस का तो दूसरा भाजपा का है। दोनों की राय अलग-अलग है। बाजार क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या सीवर लाइन की है। कांग्रेस पार्षद के आरोप है कि उनके क्षेत्र में भेदभाव किया गया। उनको विकास कार्य के लिए पर्याप्त बजट नहीं दिया गया। लोगों का कहना है कि बाजार क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या पेशाबघर की है। अश्वनी आनंद का कहना है कि व्यापारियों को काफी दूर जाना पड़ता है। सीवर लाइन जनसंख्या के हिसाब से नहीं है। आए दिन ये चोक रहती हैं। सफाई कर्मचारियों की कमी के कारण नालियां साफ नहीं हो पा रही हैं।
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- मेयर ने कांग्रेस पार्षद वाले क्षेत्र में भेदभाव किया है। सड़कें खराब हैं। सफाई कर्मचारियों की भारी कमी है।
- महेंद्र नागर पार्षद
वार्ड की जनसंख्या 3702
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