हल्द्वानी। अगौला नदी में खनन का लंबे समय से चल रहा इंतजार खत्म होने जा रहा है। आंवला चौकी गेट पर रविवार सुबह 10 बजे विधायक नवीन दुम्का विधिवत पूजन के बाद नदी में खनन का शुभारंभ करेंगे।
वन विकास निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक एमपीएस रावत ने शनिवार की देर शाम जिला लौगिंग प्रबंधक हल्द्वानी और लालकुआं के साथ संयुक्त बैठक की। बैठक में उन्होंने नदी में खनन की तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। प्रबंधकों ने उन्हें बताया कि आंवलागेट, गोरा पड़ाव, बेरीपड़ाव, मोटाहल्दू गेटों में सीसीटीवी कैमरा, इलेक्ट्रानिक धर्मकांटा, प्रिंटर, बिजली कनेक्शन आदि के समुचित इंतजाम कर लिए गए हैं। ई रवन्ना जारी करने के लिए साफ्टवेयर की भी तकनीकी जांच हो गई है। गेटों पर वन निगम के कर्मियों की भी तैनाती कर दी गई है। इस दौरान डीएलएम एनके वार्ष्णेय व केएस रावत मौजूद थे। इधर दिन भर अधिकारियों ने चार गेटों पर पसीना बहाकर तैयारियों का जायजा लिया।
अपने टैंकर से प्यास बुझाएगा वन निगम
पानी के टैंकर की निविदा में उपजे विवाद के बाद वन निगम ने फैसला किया है कि चार गेटों पर विभागीय टैंकरों से पानी का छिड़काव और पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। बाद में निविदा तय होने के बाद ठेकेदार को जिम्मा दिया जाएगा।
मजदूरों के लिए नहीं है कोई इंतजाम
गौला में 10 हजार से ज्यादा मजदूर खनन काम करते हैं। इन मजदूरों के लिए वन निगम ने अभी तक कोई इंतजाम नहीं किए हैं। शौचालयों की मरम्मत, जलौनी लकड़ी, हेलमेट, जूते, झुग्गियों की अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है। निगम खुद मान रहा है कि अभी इतनी तादाद में मजदूर नहीं पहुंचेंगे।
जेपी स्टोन क्रशर की अग्नि परीक्षा
इलेक्ट्रानिक धर्मकांटे लगने के 13 सालों बाद पहली बार समिति को छोड़कर किसी स्टोन क्रशर को धर्मकांटा संचालन का ठेका मिला है। यह जेपी स्टोन क्रशर की अग्नि परीक्षा होगी कि पहले दिन धर्मकांटा का संचालन ठीक ढंग से हो। हालांकि क्रशर ने पूर्व में धर्मकांटा संचालन कर रहे नंधौर हल्द्वानी उज्ज्वल धर्मकांटा समिति से हाथ मिला लिया है।
कोट
वन प्रभाग खनन के लिए पूरी तरह से तैयार है, अधिकारियों कर्मियों की जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं। वन विभाग की ओर से कोई कमी नहीं की जाएगी। - नीतिश मणि त्रिपाठी, प्रभागीय वनाधिकारी तराई पूर्वी वन प्रभाग
खनन संबंधी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रविवार से विधिवत खनन शुरू कर दिया जाएगा। जल्द ही बाकी गेट भी खनन के लिए खोले जाएंगे। - एमपीएस रावत, क्षेत्रीय प्रबंधक, वन विकास निगम