हल्द्वानी। नगर निगम की सीमा में एक-एक गांव को लेकर जोड़तोड़ में जुटी भाजपा अब कांग्रेस के दबाव के चलते मूल प्रस्ताव पर लौट सकती है। कांग्रेस ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की धमकी दी है। इससे भाजपा को विस्तारीकरण पर ही रोक लग जाने की चिंता सता रही है। ऐसे में सारे संशोधनों को दरकिनार कर मूल प्रस्ताव को ही अनुमति देने के लिए शासन स्तर पर कवायद शुरू कर दी गई है। शासन इससे पहले तीन प्रस्ताव ठुकरा चुका है।
निकाय चुनाव से पहले हल्द्वानी-काठगोदाम नगर निगम का सीमा विस्तार होना है। शासन ने गजट अधिसूचना जारी कर इसमें 52 गांव शामिल करने का प्रस्ताव भेजते हुए आपत्तियां मांगी थी। आपत्तियों को सुनने के बाद जिला प्रशासन ने नगर निगम की सीमा में 31 गांव को शामिल करने की संस्तुति की थी। उधर, मेयर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला, क्षेत्र पंचायत प्रमुख भोला भट्ट के गांव हरिपुर नायक को नगर निगम की सीमा में शामिल करने के लिए देहरादून में डेरा डाले रहे। इसके बाद सुनवाई को बनी कमेटी ने हरिपुर नायक और जयदेवपुर को नगर निगम की सीमा में शामिल करने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा। इन तीनों प्रस्तावों पर शासन ने आपत्ति जता दी। भाजपा से जुड़े ग्राम प्रधान भी अपने गांवों को नगर निगम की सीमा से बाहर रखने के लिए जोड़तोड़ में लगे हैं। इसके बाद कमेटी ने गौजाजाली के दो गांवों को हटाने के लिए प्रस्ताव बनाना शुरू किया। कांग्रेसी लॉबी के एक होने और कांग्रेस नेताओं के उच्च न्यायालय जाने की धमकी के बाद अब भाजपा बैकफुट पर आती दिख रही है। पुष्ट सूत्रों की मानें तो कांग्रेस नेताओं को उच्च न्यायालय से स्टे मिलने के डर से शासन ने 52 गांवों को नगर निगम में शामिल करने की तैयारी कर ली है। हल्द्वानी-काठगोदाम नगर निगम की वजह से ही शासन और निगमों के विस्तारीकरण प्रस्ताव में हामी नहीं भर पा रहा है।
नगर निगम के सीमा विस्तार के मूल प्रस्ताव को ही हरी झंडी देने की तैयारी
कांग्रेस के एक होने और उच्च न्यायालय जाने के डर ने सताया
52 गांव शामिल करने का था मूल प्रस्ताव नगर निगम में
31 गांवों को ही शामिल करने की अनुमति दी थी निगम ने