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आखिर किसकी शह पर खुलेआम डाला जा रहा जैव चिकित्सीय कचरा

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garbage shimla
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हल्द्वानी। ट्रंचिंग ग्राउंड, गांधी स्कूल के पास सहित कई जगह चोरी छिपे अभी भी जैव चिकित्सीय कचरा डाला जा रहा है। ये कचरा बिना किसी शह के नहीं डाला जा सकता। निगम और जिला प्रशासन हवाई दावे कर रहा है। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ये हाल तब हैं जब निगम प्रशासन के पास जैव चिकित्सीय कचरे न करने वाले अस्पतालों की पूरी सूची है।
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हाइकोर्ट ने जैव चिकित्सीय कचरे के निस्तारण का प्रबंधन करने के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन को आदेश दिया था। लेकिन उसके बाद भी नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारी सिर्फ दिखावे की कार्रवाई कर पल्ला झाड़ रहे हैं। नगर निगम क्षेत्र से प्रतिदिन पांच क्विंटल जैव चिकित्सीय कचरा निकल रहा है। इसमें से तीन क्विंटल जैव चिकित्सीय कचरे का ही निस्तारण हो रहा है। बाकी दो क्विंटल जैव चिकित्सीय कचरा गांधी स्कूल के पास या ट्रंचिंग ग्राउंड में खपाया जा रहा है।
नगर निगम ने ग्लोबल इंवायरोमेंटल सॉल्यूशन से रिपोर्ट मांगी थी। इसमें पूछा गया था कि निगम क्षेत्र के कितने अस्पताल जैव चिकित्सीय कचरे का निस्तारण नहीं कर रहे हैं। ग्लोबल की ओर से यह सूची नगर निगम को 16 नवंबर को मिल गई थी। सूची में बताया गया था कि निगम क्षेत्र के 37 अस्पताल ओर 12 डेंटल क्लीनिक जैव चिकित्सीय कचरे का निस्तारण नहीं कर रहे हैं। सूची मिलने के एक माह बाद भी नगर निगम के अधिकारियों ने अस्पतालों को कोई नोटिस नहीं दिया है। इससे साफ है कि नगर निगम प्रशासन हाइकोर्ट के आदेशों की खुलेआम उल्लंघन कर रहा है।
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एक नोटिस नगर निगम प्रशासन इन अस्पतालों को भेज चुका है। सोमवार को नगर निगम प्रशासन इन अस्पतालों को अंतिम नोटिस भेजेगा। उसके बाद भी इन अस्पतालों ने जैव चिकित्सीय कचरे का निस्तारण नहीं किया तो इन पर एनजीटी के नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। - हरवीर सिंह, नगर आयुक्त हल्द्वानी-काठगोदाम
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