रामनगर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) की करीब 80 वर्षीय हथिनी सोनाकली का शनिवार रात निधन हो गया। वह उम्र संबंधी बीमारियों से ग्रस्त थी और उपचार के दौरान उसकी मौत हुई। रविवार को वनकर्मियों ने उसे सलामी देकर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया।
रामनगर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) की करीब 80 वर्षीय हथिनी सोनाकली का शनिवार रात निधन हो गया। वह उम्र संबंधी बीमारियों से ग्रस्त थी और उपचार के दौरान उसकी मौत हुई। रविवार को वनकर्मियों ने उसे सलामी देकर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया।
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सोनाकली को 23 जनवरी 2018 को सेवानिवृत्त कर दिया गया था। उसे वर्ष 1997 में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व लाया गया था। उसने 1997 से 2002 तक ढिकाला में सेवाएं दीं। इसके बाद 2002 से 2016 तक हल्दूपड़ाव और कालागढ़ क्षेत्र में कार्यरत रही। 2016 से सेवानिवृत्ति तक उसने ढिकाला रेंज में अपनी सेवाएं दीं। अपने सेवाकाल के दौरान उसने वन्यजीव संरक्षण और बाघ रेस्क्यू अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सीटीआर के निदेशक डॉ साकेत बडोला ने कहा कि सोनाकली ने कई रेस्क्यू अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने यह भी कहा कि सोनाकली के निधन से सीटीआर को बहुत बड़ी क्षति हुई है।