हल्द्वानी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने गौलापार में प्रस्तावित ऑटोमैटिक फिटनेस सेंटर के लिए 8 करोड़ 25 लाख की राशि स्वीकृत कर दी है। इस व्हीकिल इंस्पेक्शन एंड सार्टिफिकेशन सेंटर के लिए केंद्र से बजट की स्वीकृति की पुष्टि सचिव परिवहन शैलेश बगौली ने की है। इसी तरह का एक सेंटर हरिद्वार जिले में भी प्रस्तावित है, इसके लिए भी राशि स्वीकृत हुई है।
परिवहन विभाग ने करीब चार साल गौलापार में ऑटोमैटिक फिटनेस सेंटर की योजना बनाई थी। इसके लिए परिवहन विभाग को वन विभाग की ओर से जमीन भी चुकी है। केंद्र से बजट मिलने का इंतजार था। अब सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने संबंधित योजना के लिए राशि स्वीकृत कर दी है। इस संबंध में मंत्रालय का एक पत्र परिवहन मुख्यालय पहुंचा है। इसमें हल्द्वानी और हरिद्वार दोनों जगहों के लिए कुल 16 करोड़ 50 लाख की राशि स्वीकृत होने का उल्लेख है। योजना पर करीब चार करोड़ राज्य सरकार भी खर्च करेगी।
एआरएआई से करना होगा एमओयू
ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) की तकनीकी मदद से आटोमैटिक फिटनेस सेंटर (हैवी मोटर व्हीकिल व लाइट मोटर व्हीकल के लिए अलग-अलग लेन होगी) का निर्माण होगा। इसके लिए परिवहन विभाग को एआरआई के साथ एमओयू करना होगा। एमओयू होने के बाद मंत्रालय राशि जारी कर देगा। मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि योजना के लिए पहली किश्त जारी होने के बाद एक साल में काम पूरा करना होगा। ऑटोमैटिक फिटनेस सेंटर में करीब 35 कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। हालांकि दो तरह के सेंटर खोलने पर आने वाले खर्च को उठाने का जिम्मा राज्य सरकार का रहेगा।
पहले एक ही सेंटर की थी योजना
परिवहन अधिकारियों के अनुसार केंद्र सरकार के सहयोग से तैयार होने वाली योजना के लिए केवल एक सेंटर की बात थी। बाद में मंत्रालय के अधिकारियों को राज्य की भौगोलिक स्थितियों समेत अन्य विषयों के बारे में बताया गया। इसके बाद मंत्रालय दोनों मंडल के लिए एक-एक सेंटर खोलने की योजना को हरी झंडी दे दी थी।