हल्द्वानी। जमरानी बांध परियोजना पर लगी विद्युत प्राधिकरण की आपत्ति का निराकरण कर दिया गया है। अब पर्यावरण की ऑनलाइन क्लीयरेंस मिलनी बाकी है। पर्यावरण क्लीयरेंस मिलते ही जमरानी की संशोधित डीपीआर केंद्रीय जलायोग को सौंपी जाएगी। वर्तमान में केंद्रीय जलायोग को सौंपी गई 2600 करोड़ रुपये की डीपीआर पर मंथन चल रहा है। सिंचाई विभाग के जमरानी खंड की टीम दिल्ली में केंद्रीय जलायोग के अधिकारियों के संपर्क में है। जल्द ही जमरानी बांध को लेकर तकनीकी एडवाइजरी कमेटी की बैठक प्रस्तावित है। बैठक की तिथि अभी घोषित नहीं हुई है।
जमरानी खंड के अधिकारियों ने सोमवार को नवागत सीई मोहन चंद्र पांडे को जमरानी बांध परियोजना की प्रगति से अवगत कराया। जमरानी खंड के ईई जावेद अनवर ने बताया कि जमरानी बांध परियोजना की 2600 करोड़ रुपये की डीपीआर केंद्रीय जलायोग को सौंपी गई है। जमरानी की सैद्धांतिक स्वीकृति के बाद बैराज निर्माण के दौरान बनाई गई नहरों की भी 127 करोड़ रुपये की रिपोर्ट भेजी गई। सीई पांडे ने बताया कि विभाग की टीम दिल्ली में केंद्रीय जलायोग के अधिकारियों के संपर्क में है। जल्द ही तकनीकी एडवाइजरी कमेट की बैठक होनी है। फिलहाल जमरानी बांध परियोजना में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की ओर से लगाई गई आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है। जमरानी बांध परियोजना को जल्द ही मंजूरी मिलने की संभावना है।
नए मुख्य अभियंता ने संभाला कार्यभार
हल्द्वानी। सिंचाई विभाग के सीई मोहन चंद्र पांडे ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। सीई का कार्य देख रहे मुकेश मोहन को देहरादून भेजा गया है। सीई पांडे ने बताया कि जमरानी बांध परियोजना को मंजूरी दिलाने के लिए हरसंभव कोशिश जारी रहेगी। इस परियोजना पर उनका प्रमुख फोकस रहेगा।